आदित्यपुर : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के बीजेपी में शामिल होने के बाद सरायकेला झामुमो की सभी कमेटियों को भंग कर उसके पुनर्गठन की प्रक्रिया चल रही है. इसी कड़ी में आदित्यपुर नगर कमेटी के गठन को लेकर रविवार को पार्टी के दिग्गज नेताओं ने रायशुमारी की. इस दौरान कई नेताओं के नाम सामने आए मगर किसी नेता के नाम पर सहमति नहीं बनी. गेंद अब केंद्रीय नेतृत्व के पाले में डाल दिया गया है. बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के बीजेपी में शामिल होने के बाद आदित्यपुर नगर झामुमो अध्यक्ष दीपक मंडल ने भी इस्तीफा दे दिया. आदित्यपुर में झामुमो के कुनबे को धारदार बनाने को लेकर पार्टी के नेता लगातार मंथन कर रहे हैं. सरायकेला विधानसभा जीतने के लिए झामुमो हो या बीजेपी आदित्यपुर नगर कमेटी काफी मायने रखती है. जिस दल की आदित्यपुर नगर पर जितनी मजबूत पकड़ होगी उस दल की जीत उतनी दमदार होगी. चंपाई सोरेन को पिछले विधानसभा चुनाव में आदित्यपुर नगर से बड़ी बढ़त मिली थी और उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बीजेपी के गणेश महाली को करारी शिकस्त दी थी. तब वे झामुमो के उम्मीदवार थे. अब बदले हालात में झामुमो के लिए आदित्यपुर नगर कमेटी को साधना बड़ी चुनौती होगी. यही वजह है कि रविवार को हुए रायशुमारी में कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया. इस रायशुमारी बतौर मुख्य अतिथि झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता और पार्टी के सीनियर लीडर मोहन कर्मकार, राजू गरी, गणेश चौधरी, जिला अध्यक्ष डॉक्टर शुभेंदु महतो, कृष्णा बास्के, भुगलू उर्फ डब्बा सोरेन, गुरुचरण मुखी, गोपाल महतो, अमृत महतो सहित कई बड़े नेता मौजूद रहे. वही मीडिया से बातचीत के क्रम में पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता मोहन कर्मकार ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के जाने से पार्टी के सेहत पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है. (नीचे भी पढ़ें)
झारखंड मुक्ति मोर्चा नेता पैदा करने वाली पार्टी है. हमारा ध्यान सरायकेला विधानसभा को जीतने पर है. कौन कहां गया है उससे हमें कोई सरोकार नहीं है. वहीं मुख्यमंत्री मैया सम्मान योजना को लेकर विपक्ष के आरोप के जवाब में उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है. उनके बाहरी नेता यहां आकर यहां की जनता को गुमराह कर रहे हैं. कुल मिलाकर यहां की महिलाओं और बेटियों को इस योजना से लाभ मिल रहा है जो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कार्यशैली को दर्शा रहा है. विपक्ष उनके कार्यशैली से घबरा गई है इसलिए बाहरी नेताओं को बुलाकर परिवर्तन यात्रा निकाल रही है जनता सब जानती है.






