जमशेदपुर : जमशेदपुर में बंगाल की ओर से पहुंचे गजराजों के झुंड ने पटमदा इलाके में तांडव शुरू कर दिया है. सैकड़ों एकड़ फसलों को रौंद दिया है. इसके अलावा घरों में रखे राशन पर भी हमला बोल दिया है. बताया जा रहा है कि झुंड में 25 से 30 हाथी है, जो इलाके के अलग-अलग हिस्सों में घुम रहे हैं और खेतों में लगे टमाटर व अन्य सब्जियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं. कोरोना के खौफ के बीच हाथियों का तांडव शुरू होते ही इलाके के लोग दहशत में हैं. उधर वन विभाग इन हाथियों को रोक पाने में नाकाम साबित हो रहे हैं. ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति आक्रोश देखा जा रहा है. हालांकि ये हाथी दलमा सेंचुरी के नहीं है. ये बंगाल की ओर से आए हैं जिन्हें रोक पाना वन कर्मियों के लिए असंभव साबित हो रहा है. वैसे पहले से ही लोग दलमा सेंचुरी के गजराजो के आतंक से दहशत के साए में जी रहे थे. अब बंगाल की ओर से आए हाथियों के तांडव ने ग्रामीणों को सकते में डाल दिया है.

हाथी यूं ही नहीं हुए है हिंसक, दलमा जंगल का हो रहा अतिक्रमण
जमशेदपुर ही नहीं पूरे झारखंड को हाथियों के अभ्यारण्य के रुप में भी जाना जाता है. दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी देश के बड़े हाथियों के अभ्यारण्य में गिनती आता है. लेकिन इसका लगातार अतिक्रमण होता जा रहा है. इस अतिक्रमण को रोकने के लिए कोई कारगर उपाय नहीं किया गया है. यहीं वजह है कि लोग लगातार हाथियों के गांव और घर में घुस रहे है. लोग खेती भी उनके ही घर पर करने लगे है, जिस कारण इस तरह के हमले बढ़ते जा रहे है. वन विभाग को चाहिए कि ऐसी स्थिति में हाथियों को बचाने के साथ साथ उनके आवासीय स्थिति को भी बचाये.







