
जमशेदपुर : रिजर्व बैंक के नियमों की अनदेखी व आवश्यक प्रक्रिया को नजरअंदाज कर झारखंड राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड (रांची) के मुख्य कार्यापालक पदाधिकारी के पद पर प्रतिनियुक्त विजय कुमार चौधरी को अंतत: कार्यमुक्त कर दिया गया है. इस संबंध में सहयोग समितियां, रांची के निबंधक ने आदेश जारी किया है. निबंधक की ओर से यह आदेश पिछले 4 मई 2020 को जारी किया गया है. आदेश पत्र के अनुसार नबार्ड के सहायक महाप्रबंधक विजय कुमार चौधरी की झारखंड राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के पद पर भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निर्धारित ‘फिट एंड प्रॉपर क्राइटेरिया फॉर एप्वाइंटमेंट ऑफ चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर’ के अनुसार प्रतिनियुक्ति नहीं की गयी थी. बल्कि प्रतिनियुक्ति में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निर्धारित नियमों का उल्लंघन कर प्रतिनियुक्ति की गयी थी. पिछले 9 जुलाई 2019 को प्रबंध निदेशक, वेजफंड, रांची की अध्यक्षता में गठित कमेटी द्वारा इस मामले की जांच की गयी, जिसमें संबंधित खुलासा हुआ है. रिपोर्ट की समीक्षा में यह भी खुलासा हुआ है कि झारखंड राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड, रांची के अध्यक्ष द्वारा नियमों की अनदेखी कर किसी खास व्यक्ति को मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के पद पर लाने के लिए बार-बार नियमों व शर्तों को बदला गया. इसके तहत प्रक्रिया का पालन किये बगैर ही प्रतिनियुक्ति कर दी गयी. यानी न बिना समाचार पत्रों में विज्ञापन का प्रकाशन, स्क्रीनिंग कमेटी, सेलेक्शन कमेटी और साक्षात्कार लिये बगैर ही श्री चौधरी को मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के पद पर प्रतिनियुक्त कर दिया गया. इसके मद्देनजर बैंक के अध्यक्ष से 29 जुलाई 209 को स्पष्टीकरण मांगा गया. स्पष्टीकरण की समीक्षा के क्रम में यह बात सामने आयी कि भारतीय रिजर्व बैंक की फिट एंड प्रॉपर क्राइटेरिया के तहत मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी की नियुक्ति के लिए 55 वर्ष से अधिक उम्र नहीं होनी चाहिए, जबकि विजय कुमार चौधरी की उम्र 55 वर्ष से अधिक है. यानी विजय कुमार चौधरी को बैंक का मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी प्रतिनियुक्त करने में अहर्ता का पालन नहीं किया गया. आदेश पत्र के अनुसार इसके बाद 2 मार्च 2020, 12 मार्च 2020 और 24 मार्च 2020 को विजय कुमार चौधरी को से अपना मंतव्य साक्ष्य सहित मांगा गया. कहा गया है कि बार-बार स्मार पत्र देने के बावजूद विजय कुमार चौधरी की ओर से मंतव्य निबंधक कार्यालय को उपलब्ध नहीं कराया गया. इसके बाद नियमों व प्रावधानों की समीक्षा करते हुए श्री चौधरी को कार्यमुक्त करने की कार्रवाई की गयी है.














