
जमशेदपुर : परसुडीह क्षेत्र के जानीगोडा में गुरुवार को ओलचिकि लिपि के अविष्कारक पंडित रघुनाथ मुर्मू की जयंती समारोह पूर्वक मनायी गयी. उनकी तसवीर पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किया गया. इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि जिला परिषद सदस्य राजकुमार सिंह उपस्थित थे. सर्वप्रथम उन्होंने गुरु गोमके के चरणों में पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत की. इस दौरान श्री सिंह ने कहा कि गुरु गोमके ने समाज के लोगों को यह बताने का काम किया कि इंसान अपने कर्म से ही महान बनता है. गुरू गोमके ने समाज की उन्नति व प्रगति के लिए संताली भाषा की लिपि ओलचिकि का अविष्कार किया. उनके इस बहुमुल्य कार्य के लिए उन्हें जन-जन याद करता है. इसलिए ऐसे महापुरुषों के बताये व दिखाये मार्ग पर चलने की जरूरत है. साथ ही उनके आदर्शों को आत्मसात करने की जरूरत है. इसके बाद कोरोना लॉकडाउन से जूझ रहे परिवारों के बीच जानीगोडा व डोकाटोला में खिचड़ी वितरण किया गया. कार्यक्रम में सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखा गया. इस अवसर पर लखन हांसदा, गुंदू सोरेन, कृष्णा मार्डी, पिथो मार्डी, धानु हांसदा, शीतल हेंब्रम, राम हांसदा, दिनेश मार्डी, कारान सोरेन, मालती टुडू, लक्ष्मी हांसदा, कॉपरा हांसदा, बबीता हांसदा, सोना हांसदा, शिव हांसदा, निमार्इ दास समेत अन्य लोग उपस्थित थे.















