
जमशेदपुर : सामाजिक संस्था प्रयत्न के द्वारा शौर्य दिवस के अवसर पर गोलमुरी स्थित शहीद स्मारक में कारगिल में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देकर नमन किया गया। संस्थापक समर झा ने कहा कि शौर्य दिवस भारत के स्वाभिमान, अद्भुत पराक्रम और दृढ़ नेतृत्व का प्रतीक है। हमारी संस्था उन शूरवीरों को नमन करती है, जिन्होंने अपने अदम्य साहस से करगिल की दुर्गम पहाड़ियों से दुश्मन को खदेड़ कर वहां पुनः तिरंगा लहराया। मातृभूमि की रक्षा के लिए समर्पित भारत के वीरों पर देश को गर्व है। राष्ट्र की सेवा में अपनी जान कुर्बान करने वालों के परिवारों को नमन करता हूं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोने के बावजूद, देश के दुश्मनों के खिलाफ राष्ट्रीय संकल्प का लगातार समर्थन किया है। इस अवसर पर संस्था के अभिषेक कुमार, सुजीत आदित्य, मनोज तिवारी, विशाल, अमित, मृणाल चक्रवर्ती, अनिकेत, अभिजीत पॉल एवं अन्य कई लोग उपस्थित थे।
सम्मानित किये गये माणिक बारदा

कारगिल विजय दिवस के आज 21 साल पूरे हो गये हैं. 1999 में आज ही के दिन भारतीय सेना के जाबांज़ शूरवीरों ने इस युद्ध में विजय हासिल की थी. इस युद्ध में सैकड़ों सैनिक शहीद हुए और कइयों ने अपने अंग गंवाये लेकिन दुश्मन पाकिस्तानियों को अपनी धरती से खदेड़ कर दम लिया। पूर्वी सिंहभूम जिले के वीर सैनिक माणिक बारदा इस कारगिल युद्ध के नायकों में एक हैं। युद्ध में लड़ते हुए माणिक बारदा ने अपना दोनों हाथ गंवा दिया। उनकी बहादुरी, हौसले और जब्जे के आगे हम नतमस्तक हैं। आज विजय दिवस पर उन्हें सम्मानित कर अपनी कृतज्ञता ज्ञापित की।







