
आदित्यपुर: गर्मी का सितम सातवें आसमान पर है. आसमान अंगार उगल रहा है, और धरती की तपन से जलस्तर पाताल लोक में चला गया है. आलम ये है, कि लोग बूंद-बूंद पानी के लिए सरकार शासन और प्रशासन पर आश्रित है. यह नजारा सरायकेला- खरसावां जिला के आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के वार्ड 20 का है. जहां आप साफ़ देख सकते हैं किस तरह डीप बोरिंग और चापाकल सूख चुके हैं. लोग सुबह आंख खुलते ही पानी के लिए जद्दोजहद में जुट जाते हैं. वैसे इसकी चिंता माननीयों को कितनी है इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं, कि प्रचंड गर्मी शुरू होने के बाद बोर्ड बैठक में प्रस्ताव लाया जाता है, कि टैंकर से जलापूर्ति होगी, लेकिन जलापूर्ति कहां होती है यह गरीब जनता नहीं जानती.

हालांकि वार्ड 20 के पार्षद से जब हमने इस संबंध में जानना चाहा तो उन्होंने इस पर कुछ भी बोलने से मना कर दिया. अब बोले भी कैसे ! बोर्ड बैठक में सब की बोलती बंद कर दी जाती है. बहरहाल गर्मी का सितम कब तक चलेगा यह तो ऊपर वाला ही जाने. पूरे नगर निगम क्षेत्र के एक वार्ड छोड़ लगभग सभी वार्डों का कमोवेश यही स्थिति है. हां इतना जरूर है कि नगर निगम क्षेत्र में पाइप लाइन से जलापूर्ति का काम जोर-शोर से चल रहा है, लेकिन यह योजना धरातल पर कब उतरेगी. कब लोगों की प्यास बुझेगी. यह बताने वाला कोई नहीं. क्योंकि माननीय प्यास लगने के बाद ही कुआं खोदने की तैयारी करते हैं. वैसे लोगों का गुस्सा आप साफ समझ सकते हैं. जनता को इंतजार है अपनी बारी का. क्योंकि लोकतंत्र में जनता ही जनार्दन होती है.











