
चाकुलिया : पश्चिम बंगाल सीमा से सटे चाकुलिया प्रखंड की सरडीहा पंचायत के पाकुड़िया गांव करेला की खेती के लिए प्रसिद्ध है. यहां के किसान हर वर्ष करेला की खेती कर हजारों रुपये की आमदनी कर लाभान्वित होते थे.गांव के किसान इस वर्ष वर्षा नही होने के कारण किसान पम्प चलाकर करेला की खेती करते हैं.गांव के किसान तापस महतो और पूर्णेन्दु महतो ने कहा कि हर वर्ष गांव में 26-30 एकड़ भूमि पर गांव के किसान करेला की खेती करते हैं, इस वर्ष भी किसानों ने करेला की खेती की है. कहा कि इस वर्ष अबतक वर्षा नही होने के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है, किसान बिजली के सहारे पम्प चलाकर करेला की खेती कर रहे हैं. किसानों ने कहा कि विगत 20 दिनों से क्षेत्र में बिजली की आंख मिचौली से किसान त्रस्त है, किसान करेला की खेती को सिंचाई करने के लिए रतजगा कर रहे हैं ताकि वे फसल की सिंचाई कर सके. किसानों ने कहा कि गांव में 26-30 एकड़ जमीन पर लगे करेला की फसल की सिंचाई पम्प चलाकर कर रहे हैं. इस वर्ष वर्षा नही होने से करेला की अच्छी क्वालिटी नही हुई है जिस कारण किसानों को उनकी मेहनत के अनुपात मुल्य नही मिल पा रही है. कहा कि हर वर्ष बाहर के व्यापारी यहां आकर 20-25 रूपये किलो करेला खरीद कर बाहर ले जाते थे, परंतु इस वर्ष अच्छी क्वालिटी करेला नही होने के कारण फिलहाल 15 रूपये प्रति किलो की दर से करेला खरीद रहे हैं इससे किसानों को मुनाफा नही के बराबर हो रही है. कहा कि यहां से बिहार के पटना, शिवान, ओडिसा और बंगाल के व्यापारी आकर वाहन से करेला खरीद कर ले जाते हैं. पाकुड़िया गांव की करेला सिर्फ यहां पर ही नही बल्कि बिहार, ओडिसा और बंगाल में धूम मचा रही है.
पुर्णेन्दु महतो ने 80 हजार खर्च कर किया है तीन बीघा में करेला की खेती :

चाकुलिया के पाकुड़िया गांव निवासी किसान पूर्णेन्दु महतो ने बताया कि वे हर वर्ष करेला की खेती कर 50-60 हजार रुपये की कमाई करते हैं. कहा कि इस वर्ष भी उन्होंने 80 हजार रुपये खर्च कर तीन बीघा जमीन पर करेला की खेती की है. उन्होंने कहा कि इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना मुनाफा नही कर पाऐंगे. कहा कि वर्षा नही होने के कारण इस वर्ष अच्छी क्वालिटी की करेला नही हुई है. जिस कारण व्यापारी 15 रूपये प्रति किलो की दर से करेला खरीद रहे हैं. कहा कि इस वर्ष करेला की खेती करने में किसानों को ज्यादा खर्च हो रही है, किसान बिजली के सहारे पम्प चलाकर खेती कर रहे हैं. श्री महतो ने कहा कि पिछले वर्ष तीन बीघा में करेला की खेती कर 50- 60 हजार रुपये की कमाई की थी, इस वर्ष इतनी कमाई नही हो पाएगी. कहा कि हर वर्ष गांव के किसान करेला की खेती कर लाखों रूपये की कमाई कर आत्म निर्भर होते है परंतु इस वर्ष किसान फसल की सिंचाई को लेकर परेशान है. किसान हजारों रूपये खर्च कर करेला की खेती की है परंतु ना तो वारीश हो रही है और ना ही बिजली की आपूर्ति सूचारू रूप से मिल पा रही है. बिजली की आंख मिचौली के कारण किसान फसल की सिंचाई को लेकर चिंतित है.











