
आदित्यपुरः सावधान ! जमशेदपुर और सरायकेला की लाइफ लाइन खरकई और स्वर्णरेखा नदियों के पानी के प्रयोग से लोग बीमार हो रहे हैं… ये हम नहीं बल्कि मेडिकल रिपोर्ट और चिकित्सक बता रहे हैं. जिस तरह दोनों नदियों में जलकुंभियां उग आए हैं, और टाटा स्टील सहित छोटी- बड़ी कंपनियों के अलावा शहर का गंदा पानी दोनों नदियों में बेरोकटोक बहाया जा रहा है, और गर्मी के कारण पानी की किल्लत झेल रहे लोग मजबूरी में नदियों में स्नान कर रहे हैं. कुछ तो इनके पानी का प्रयोग पीने में भी कर रहे हैं. इसको लेकर डॉक्टरों ने चिंता जताई है. संजीवनी नर्सिंग होम के चिकित्सक और आई एम ए के पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार ने बताया कि दोनों नदियों का पानी जहरीला हो गया है इसमें मौजूद सिलिकॉन, आर्सेनिक, एलुमिनियम और शीशा युक्त रसायन नदियों में खुलेआम बहाया जा रहा है, जिससे लोग गंजेपन के शिकार हो रहे हैं. आंखों की रोशनी कम हो रही है. साथ ही चर्म रोग जैसे बीमारियों के अलावा लंग्स और फेफड़ों में संक्रमण जैसे घातक बीमारियों के शिकार हो रहे हैं.

हाल के दिनों में इनके मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. जो शहर वासियों के लिए चिंता का विषय है. खासकर स्लम बस्तियों के लोगों में इनके लक्षण ज्यादा पाए जा रहे हैं. जाहिर सी बात है, कि दोनों नदियों के पानी का प्रयोग स्लम बस्तियों के लोग ज्यादा कर रहे हैं. ऐसे में सरकार और जिला प्रशासन के साथ प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को भी इसकी गंभीरता को समझनी होगी. एक रिपोर्ट के अनुसार जमशेदपुर और सरायकेला के आदित्यपुर में हर दसवां व्यक्ति चर्म रोग और बाल झड़ने जैसी समस्याओं से ग्रसित हैं. जिसका मुख्य कारण नदी में हो रहे प्रदूषण और नगर निगम क्षेत्र में उड़ते धूलों के गुब्बार बताए जा रहे हैं. डॉक्टर अशोक कुमार ने नगर निगम से क्षेत्र में नियमित पानी छिड़काव कराए जाने की मांग की है.











