
जमशेदपुर : आदिवासी जनजाति कला व संस्कृति को दर्शाते हुए झारखंड में पहला आदिवासी जनजातीय म्यूजियम तैयार किया गया है. इस म्यूजियम के तहत आदिवासियों की संस्कृति के सामग्री का संग्रह किया गया है. इसमें उनके आभूषण, नृत्य, कला, रहन सहन, मुखौटा आदि इस्तेमाल में आने वाली चीजों को प्रस्तुत किया जाएगा. इस म्यूजियम को बनाने का एक ही उद्देश्य है कि लोक कलाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके. आदिवासियों की पुरानी कलाओं व इतिहास को जाना जा सके. कोल्हान विवि के प्रवक्ता डॉ पीके पाणी ने कहा कि जल्द ही म्यूजियम का उद्घाटन किया जाएगा. इस म्यूजियम के तहत विद्यार्थी आदिवासियों की रहन सहन, प्राचीन काल से अब तक उपयोग किया अस्त्र-शस्त्र, खान-पान, पर्व-त्योहार, पारंपरिक आभूषण, वाद्ययंत्र, हस्तशिल्प व शिकार करने के हथियार संजो कर रखा गया है.प्राचीन काल से अब तक की आदिवासी यात्रा, पारंपरिक अस्त्र-शस्त्र, खान-पान, पर्व-त्योहार, पारंपरिक आभूषण, वाद्ययंत्र, हस्तशिल्प व शिकार करने के हथियार भी शामिल हैं. कोल्हान विश्वविद्यालय के टीआरएल ट्राइबल रीजनल लैंग्वेज विभाग के पहले के बाद इस संग्रहालय को तैयार किया गया है. कुलपति के आदेश के बाद इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा. जानकार बताते हैं कि लॉकडाउन के कारण संग्रहालय को हरी झंडी मिलने में देरी हो रही है.




