
जमशेदपुर : जमशेदपुर ट्रक एंड ट्रेलर ऑनर एसोसिएशन 10 अगस्त से टाटा स्टील गेट पर धरना देने की तैयारी में जुट गया है. रविवार को एशोसिएशन की ओर से जानकारी देते हुए बताया गया कि अबकी बार लड़ाई आर-पार की होगी. एसोशिएशन के संरक्षक धनंजय राय ने बताया कि डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है. टाटा स्टील अपने रजिस्टर्ड वेंडरों से माल ढुलाई के किराए में बढ़ोतरी कर रही है, लेकिन वेंडर अपने अधीन चलने वाले स्थानीय गाड़ी मालिकों को पुराने दर पर ही किराए का भुगतान कर रहे हैं. जिससे उनके समक्ष रोजी-रोटी की समस्या आन पड़ी है. उन्होंने बताया, कि इसके लिए सीधे-सीधे जिम्मेदार टाटा स्टील है. वेंडरों की मनमानी के कारण स्थानीय ट्रांसपोर्ट कंगाल हो चुके हैं. ऐसे लगभग 5 से 10 हजार ट्रक और ट्रेलर मालिक टाटा स्टील के रजिस्टर्ड वेंडरों के माध्यम से टाटा की माल ढुलाई करते हैं, लेकिन रजिस्टर्ड वेंडर द्वारा उन्हें पुराने दर पर ही किराया दिया जा रहा है. उन्होंने टाटा स्टील से सीधे स्थानीय ट्रांसपोर्टरों को आर्डर दिए जाने की मांग उठाई है, ताकि उन्हें बचत हो सके और उनका कारोबार जीवित रहे. इससे पूर्व एसोसिएशन द्वारा जिले के उपायुक्त और एसडीओ को अवगत करा दिया गया है. संरक्षक धनंजय राय ने बताया कि इस बार लड़ाई आर-पार की होगी. नुकसान चाहे जितना उठाना पड़े. जब तक उनका किराया नहीं बढ़ता है टाटा स्टील की माल ढुलाई में लगे सारे ट्रक और ट्रेलर का चक्का जाम रहेगा. (नीचे भी पढ़ें)

एसोसिएशन ने मंत्री चंपई सोरेन को ज्ञापन सौंपा : जमशेदपुर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन द्वारा आयोजित निर्मल महतो के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पर उपस्थित हुए मंत्री चंपई सोरेन को एसोसिएशन ने मांग पत्र सौंपकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया. एसोसिएशन की ओर से बताया गया कि टाटा स्टील एवं बिल्डरों द्वारा उन्हें उचित भाड़ा नहीं दिया जा रहा है. अगर वह उचित भाड़ा की मांग करते हैं तो उन्हें धमकी दी जाती है कि काम करना है तो कीजिए नहीं तो छोड़ दीजिए. वही इस समस्या से हजारों ट्रांसपोर्टर काफी आक्रोश में है. उनका कहना है कि उचित भाड़ा नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है.







