
जमशेदपुर : जमशेदपुर के गोलमुरी स्थित नामदा बस्ती काली मंदिर प्रांगण में जमशेदपुर दुर्गा पूजा केंद्रीय समिति की आपात बैठक संपन्न हुई. इसकी अध्यक्षता अध्यक्ष चंद्रनाथ बनर्जी द्वारा की गई. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पूजा समितियों पर हुई कार्रवाई को लेकर थी. समिति के सदस्यों ने एकस्वर होकर पटल पर अपनी बातों को रखा कि जब शहर में दुर्गा पूजा का समापन शांतिपूर्ण ढंग से हो ही गया था, पुनः इस मुद्दे को जिला प्रशासन द्वारा क्यों उठाया गया. सभी सदस्यों ने प्राथमिकी के संबंध में इसकी कड़ी निंदा की एवं इसकी भर्त्सना की गई. जमशेदपुर दुर्गा पूजा केंद्रीय समिति के सभी सदस्यों ने एकस्वर में एकमत से यह निर्णय लिया कि इस समस्या को लेकर वह बुधवार को जिला प्रशासन के उच्च अधिकारियों के समक्ष अपने बातों को रखेगी और इस पर पुनर्विचार करते हुए इसे समाप्त करने की अपील करेगी. इस बैठक में मुख्य रूप से सलाहकार वाइपी सिंह, अध्यक्ष चंद्रनाथ बनर्जी, कार्यकारी अध्यक्ष आशुतोष सिंह, उपाध्यक्ष अशोक सिन्हा, सचिव अरुण सिंह, संयुक्त सचिव ओमियो ओझा, सह सचिव संतोष कुमार आदि मुख्य रूप से मौजूद थे.
एसएसपी ने कहा-एफआइआर सही हुआ है
जमशेदपुर के एसएसपी डॉ एम तमिल वाणनन ने मीडिया से बातचीत में सिदगोड़ा सिनेमा मैदान दुर्गा पूजा कमेटी के अध्यक्ष चंद्रगुप्त सिंह के खिलाफ दर्ज एफआइआर को सही बताया है. उन्होंने कहा है कि पुलिस के खिलाफ विद्वेष फैलाने और उकसाने का काम चंद्रगुप्त सिंह कर रहे थे. एसएसपी ने कहा कि 13 अक्टूबर को 4.30 बजे सिदगोड़ा सिनेमा मैदान में गुंबज और पंडाल के सामने रखे गये 50 गमला को सिटी एसपी द्वारा हटाने का आरोप निराधार है. चंद्रगुप्त सिंह द्वारा जारी वीडियो से दुर्गा पूजा के माहौल में सांप्रदायिक तनाव और विधि-व्यवस्था भंग होने की संभावना थी. पुलिस के प्रति विद्वेष फैलाने की कोशिश की गयी थी. एसएसपी ने बताया है कि जांच के क्रम में पाया गया कि 12 अक्टूबर को शहरी क्षेत्र में सभी पूजा पंडालों में भ्रमणशील रहकर सिटी एसपी, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर, संबंधित थाना प्रभारी के साथ कोरोना महामारी को लेकर सरकार की गाइड लाइन का अनुपालन कराने गए थे. इसी क्रम में करीब रात 10.15 बजे सिदगोड़ा पंडाल पहुंचे तो पाया गया कि इस पंडाल को गाइडलाइन के अनुरूप तैयार नहीं किया गया है. पंडाल में कई त्रुटियां पायी गयी. पंडाल को मंदिर की थीम पर बनाया गया था. पंडाल के आस-पास पेड़ों में लाइट की सजावट की गई थी. स्टॉल लगाए गए थे. मैदान में काफी भीड़ थी. वहां लोग बिना मास्क के थे और सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं कर रहे थे इसलिए सिटी एसपी ने समिति को कानूनी कार्रवाई करने के बारे में बताया, न कि गुम्बज हटाने के लिए कहा. दोनों अधिकारी रात 11 बजे तक गश्ती करते हुए अपने आवास पहुंच गए थे. पुनः 13 अक्टूबर को महाष्टमी के दिन 11 बजे से शहर के दौरे पर थे, जिससे स्पष्ट होता है कि सिटी एसपी और पुलिस बल सिनेमा मैदान पंडाल में सुबह 4.30 बजे गए ही नहीं थे. चंद्रगुप्त सिंह और समिति के सदस्यों ने सिटी एसपी और जमशेदपुर पुलिस पर मनगढ़ंत आरोप लगाया था.







