
जमशेदपुर: जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल के कैदी वार्ड से बुधवार को सरायकेला के कैदी वरुण महतो को आरक्षी रामजी राम द्वारा बस स्टैंड ले जाया गया था जहां से वह भाग निकला. इस मामले में साकची पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया. अनुसंधान के क्रम में पुलिस को यह जानकारी मिली कि वरुण महतो ने रामजी को यह बताया कि उसकी बुआ दवा लेकर आने वाली है. बुधवार की सुबह 4 से 6 बजे तक रामजी ड्यूटी पर थे.(नीचे भी पढ़े)
सुबह 5 बजे रामजी ने वरुण महतो को कैदी वार्ड से बाहर निकाला और बिना हथकड़ी लगाए बस स्टैंड ले गया जहां से वरुण चकमा देकर भाग निकला. जानकारी देते हुए प्रभारी डीएसपी सिटी अनिमेष गुप्ता ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है. जांच में रामजी राम को दोषी पाया गया है. उसके निलंबन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में कई कैदियों के भागने के मामले सामने आए है. (नीचे भी पढ़े)
इसको लेकर जांच की जायेगी और आगे की रणनीति तैयार की जाएगी. बता दे कि सरायकेला पुलिस ने वरुण महतो को नक्सलियों के लिए लेवी वसूलने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. तबीयत बिगड़ने पर उसे 31 अक्टूबर को एमजीएम अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती कराया गया था जहां से वह बुधवार को फरार हो गया था.












