
आदित्यपुर : पुरुषों की दुनिया में महिलाएं आज भी वह सम्मान पाने में असफल हैं, जिसके बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं. कागजों पर महिलाओं को कई अधिकार प्राप्त हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यही है, जो आपको हम बताने जा रहे हैं. दरअसल सरायकेला-खरसावां जिला के आदित्यपुर थाना अंतर्गत गम्हरिया आदर्श नगर रोड नंबर 2 की रहने वाली आठ महीने की गर्भवती भाग्यवती पिछले दो महीने से इंसाफ के लिए आदित्यपुर थाना से लेकर हर सम्बंधित अधिकारियों से गुहार लगाकर थक चुकी है, मगर उसे आज तक इंसाफ नहीं मिला. अंत में उसका साथ देने की जिम्मेदारी मुहबोली ननद नमिता किन्नर ने उठाया और शुक्रवार को नमिता भाग्यवती को साथ ले आदित्यपुर थाना पहुंची. हालांकि किन्नर लीला थाने में शुरू हुआ ही था कि महिला के मामले की जांच कर रही अधिकारी ने बताया कि केस रजिस्टर्ड हो गया है, महिला की मेडिकल जांच हो गयी है जल्द ही महिला के मामले में कार्रवाई होगी. (नीचे भी पढ़ें-क्या है मामला)
क्या है पूरा मामला : दरअसल भाग्यमती शादीशुदा है, मगर उसका ओड़िशा के मयूरभंज निवासी विष्णु गोराई के साथ अवैध सम्बंध हुआ और वह पिछले छह साल से उसके साथ रह रही थी. इस दौरान महिला गर्भवती हो गई, जिसके बाद विष्णु उसे छोड़कर फरार हो गया. अब जब महिला विष्णु को ढूंढने ओड़िशा पहुंची तो विष्णु और उसके परिवारवालों ने महिला को अपनाने से साफ इंकार कर दिया. दो महीने से महिला इंसाफ के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही है. मगर इंसाफ नहीं मिला है. फिलहाल महिला आठ महीने की गर्भवती है. महिला ने बताया कि पिछले दो महीने से आदित्यपुर से लेकर सरायकेला और रांची का चक्कर लगा कर थक चुकी हूं, मगर किसी ने साथ नहीं दिया. पाई-पाई की मोहताज हो गई हूं. नमिता किन्नर का साथ नहीं मिलता, तो गर्भ में पल रहे बच्चे के साथ आत्महत्या कर लेती. वैसे महिला को थाना लेकर पहुंची नमिता किन्नर ने साफ कर दिया है कि अगर मर्दों की दुनिया में गर्भवती महिला को इंसाफ नहीं मिलता है तो अब किन्नर समाज महिला को इंसाफ दिलाएगा. फिलहाल आदित्यपुर थाने के नये प्रभारी से महिला को इंसाफ की उम्मीद है. वैसे देखना है कि महिला को कब तक इंसाफ मिलता है.













