
रांची : झारखंड भाजपा के बड़े नेता और पूर्व मंत्री सह रांची से विधायक सीपी सिं ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर हमला तेज किया है. उन्होंने राजधानी रांची स्थित प्रदेश भाजपा के कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि दो साल में सिर्फ लूट खसोट की सरकार चल रही है. नाकामी का जश्न हेमंत सोरेन की सरकार मना रही है. अब तक जनहित के काम नहीं किये गये है. सीपी सिंह ने कहा कि एक कल्याणकारी राज्य का मतलब यही होता है कि जनता द्वारा चुनी गई सरकार जनता के हित में काम करे. उन्होंने कहा कि 2015-2016 से पहले राज्य में नगर विकास विभाग का बजट 900 करोड़ रुपये का था. उन्होंने कहा कि श्री सिंह ने मंत्री रहते हुए इस राशि को 2700 करोड़ रुपया तक किया. सीपी सिंह ने कहा कि 2011 की जनगणना के हिसाब से 24 फीसदी आबादी शहरों में निवास करती है. यहां भी सड़क, बिजली, पानी, आवास और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं की जरूरत होती है. उन्होंने कहा कि बतौर मंत्री उन्होंने महसूस किया कि बुनियादी ढांचे की जरूरत है. पक्का मकान बनाना था, शौचालय बनवाना था. सीपी सिंह ने मौजूदा हेमंत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 2019 में जब से हेमंत सरकार सत्ता में आयी तब से ही खाली खजाना होने का रोना रोकर जनता को बेवकूफ बना रही है. संयोग से इस दौरान कोरोना महामारी आ गयी. सरकार ने कोरोना महामारी का भी बहाना बना लिया. विधायक ने कहा कि इसी दौरान पीएम मोदी ने यूपी में कई विकास परियोजनाओं का उदघाटन किया. हाल ही में एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया. कानपुर में मेट्रो का उद्घाटन किया. सीपी सिंह ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान उन्होंने चयनित शहरों में पार्कों का निर्माण करवाया. अभी हरमू में जलमीनार बन रहा है. पाइपलाइन के जरिये घरों में पानी पहुंचाना है, मुफ्त पानी देना है. ये सारी योजना भी सरकार जब भाजपा की थी, तब तय किया गया था, लेकिन अब हेमंत सोरेन उसी काम का पीता काट रही है. रांची विधायक सीपी सिंह ने कहा कि अब नई सरकार का काम देखकर ऐसा लगता है कि जनता अफसोस में है. बीते चुनाव में जनता को लगा था कि बदलाव करके कुछ महत्वपूर्ण सुधार हो जायेगा लेकिन नई सरकार का काम देखकर उनको लगता होगा कि गलती कर दी. जनता को लगता होगा कि भाजपा सरकार को ही वापस लाना चाहिए था. हालांकि अफसोस करने से नहीं होगा बल्कि सरकार को बाध्य करना होगा कि वो जनहित में कार्य करे. सीपी सिंह ने कहा कि मौजूदा सरकार भाषा को लेकर भी तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है. मगही और भोजपुरी को हटा दिया गया. उन्होंने कहा कि नई नियुक्ति नियमावली में मैथिली को भी शामिल किया जाना चाहिए. सरकार ने सभी जिलों में उर्दू को रखा है लेकिन हिंदी को हटा दिया. हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है. सीपी सिंह ने कहा कि ये तो तुष्टिकरण की पराकाष्ठा है. ईश्वर सरकार को सद्बुद्धि दे.
पेट्रोल-डीजल की कीमत पर घोषणा छलावा मात्र
प्रेस वार्ता में सीपी सिंह ने कहा कि कांटाटोली फ्लाइओवर का काम हमने शुरू करवाया था लेकिन किन्हीं वजहों से पूरा नहीं किया जा सका. इस सरकार की जिम्मेदारी है कि उसे आगे बढ़ाए. सीपी सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में ऐसा ही होता है. नई सरकार पिछली सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को ईमानदारी से आगे बढ़ाती है. रचनात्मक योजनाएं बनाती हैं. सुधार लाती हैं, लेकिन मौजूदा सरकार बीती योजनाओं पर केवल फीता ही काट रही है. उन्होंने कहा कि पेट्रोल डीजल की कीमत में छूट की घोषणा भी महज छलावा है. क्या मध्यमवर्गीय परिवारों को पेट्रोल-डीजल महंगा होने से फर्क नहीं पड़ता है.











