
राजनगर : सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर के विदरी गांव के रैयतों ने जिला भू अर्जन पदाधिकारी से सुवर्ण रेखा परियोजना द्वारा नहर निर्माण को लेकर चल रहे जमीन अधिग्रहण में धांधली का आरोप लगाते हुए विभाग से 1.50 लाख रुपए प्रति डिसमिल और विस्थापित परिवार को सरकारी प्रावधानों के तहत नौकरी की मांग से संबंधित एक ज्ञापन सौंपने की तैयारी की है. रविवार को ग्रामसभा की बैठक में यह निर्णय लिया गया. बताया गया कि विदरी गांव में रैयती जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है. जिसके लिए मुआवजा दर 1584 रुपमा प्रति डिसमिल तय किया गया है. जबकि सरकारी दर 6668 रुपया है. इसी ग्राम के सीमावर्ती क्षेत्र ग्राम हाकेगोड़ा एवं ग्राम चौगिरा में सरकार द्वारा 74460 रुपमा प्रति डिसमिल दर से मुआवाजा का भुगतान किया गया है. रैयतों ने विदरी में जमीन का मुआवजा दर प्रति डेसिमिल 1.50 रुपए एवं नहर से प्रभावित एवं विस्थापित रैयत धारियों को वर्ग-3 एवं वर्ग 4 में नियुक्ति प्रमाण पत्र देने का सरकार प्रवधान करने की मांग की है.




