रांची: विधानसभा के शीतकालीन का दूसरा दिन भी हंगामेदार रहा. नियोजन नीति पर चर्चा करते हुए सदन में 9वीं सूची में जोड़ने पर चर्चा हुई. विधानसभा में सांसद की टिप्पणी पर विधानसभा में निंदा प्रस्ताव की मांग को लेकर सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी हंगामा किया. सदन 12.45 तक के लिए स्थगित कर दिया गया. सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि झारखंड के एक सांसद ने लोकसभा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बलात्कारी कहा है. वह तो खुद झूठा है. ऐसे व्यक्ति जिसके खुद के रिश्ते गंदे है और जिसने अपनी बहन से शादी की है. वह मुख्यमंत्री पर आरोप लगाता है. सदन से निंदा प्रस्ताव पारित कर लोकसभा अध्यक्ष को भेजना चाहिए. विधायक सुदिव्य सोनू ने भी स्पीकर से इस मामले पर सदन से निंदा प्रस्ताव लाकर लोकसभा अध्यक्ष को भेजने का आग्रह किया. संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने भी सदन से निंदा प्रस्ताव पारित कराने की मांग की. इस पर स्पीकर ने कहा कि आसान इसपर विधि सम्मत निर्णय लेगी. (नीचे भी पढ़े)

साथ ही सदन 21 तक के लिए स्थगित कर दिया.विधानसभा में रिबिका हत्याकांड, नियोजन नीति सहित कई मुद्दों को लेकर सदन में हंगामा हुआ. सदन के पहले दिन ही भाजपा विधायक रणधीर सिंह को मार्शल आउट किया गया था. दूसरे दिन इस मामले में विपक्ष सरकार को दोबारा घेरने की कोशिश की. विधानसभा के सदन में आते ही भाजपा विधायक नारेबाजी और हंगामा करने लगे. विधानसभा अध्यक्ष ने रणधीर सिंह को वेल में आने से रोका लेकिन सदन में हंगामा जारी रहा. भाजपा विधायक प्रश्न काल शुरू होने से पहले ही हंगामा किया. विधानसभा में वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए 8 हजार 533 करोड़ रुपये का द्वितीय अनुपूरक बजट पेश किया. अनुपूरक बजट पर बुधवार को सदन में चर्चा होगी और इसे पारित कराया जाएगा. द्वितीय अनुपूरक में सबसे ज्यादा राशि का प्रावधान ऊर्जा विभाग के लिए किया गया है. (नीचे भी पढ़े)
राज्यपाल रमेश बैस से मिलेंगे विधायक, भाजपा ने बनायी दूरी
मंगलवार को सीएम हेमंत सोरेन के नेतृत्व में विधायकों का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मुलाकात करेगा. जहां सभी स्थानीय नीति और आरक्षण विधेयक केंद्र को भेजने का आग्रह करेंगे. शीतकालीन सत्र के पहले दिन ही संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम ने कार्यमंत्रणा समिति गठन करने का फैसला किया था. इसलिए सहमति बनी कि दूसरी पाली में एक सर्वदलीय कमेटी राज्यपाल से मिलेगी और राज्य सरकार द्वारा विधानसभा से पारित 1932 के खतियान का अनुमोदन कर उसे राष्ट्रपति के यहां भेजने का अनुरोध करेगी. दूसरी ओर भाजपा ने प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया है. भाजपा के मुख्य सचेतक विरंची नारायण सिंह ने कहा कि राज्य सरकार की ओर पारित 1932 के खतियान का मामला झारखंडी जनतासे सीधा छलावा है. केंद्र को भेजने के लिए किसी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है. ऐसे में राज्य सरकार के इस छलावे में भाजपा शामिल नहीं होगी. (नीचे भी पढ़े)
सरकार ने तीन विधेयक वापस लिया
शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन पक्ष और विपक्ष के हंगामे के बीच राज्य सरकार ने तीन विधेयक वापस लिया. जिसमें 9 सितंबर 2021 को सभा द्वारा पारित झारखंड वित्त विधेयक 2021, 24 मार्च 2022 को सभा द्वारा पारित झारखंड राज्य कृषि उपज और पशुधन विपणन (संवर्धन और सुविधा) विधेयक 2022 और 3 अगस्त 2022 को सभा द्वारा पारित झारखंड कराधान अधिनियमों की बकाया राशि का समाधान विधेयक 2022 शामिल है. गौरतलब है कि इन विधेयकों को कतिपय त्रुटियों के कारण राज्यपाल ने वापस कर दिया था.












