जमशेदपुर : जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के धातकीडीह हरिजन बस्ती के रहने वाली जूली घोष हत्याकांड मामले में सुनवाई कर रहे जमशेदपुर कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश सह जिला जज अनिल कुमार मिश्रा की अदालत ने बुधवार को आरोपी भतीजा शिवम घोष उर्फ टेरू एवं राहुल मुखी को दोषी करार दिया हैं. अदालत ने सजा के बिंदू पर 23 दिसंबर को सुनवाई करेगी. इस मामले में कुल 11 लोगों की गवाही हुई हैं. इस संबंध में जूली के बेटा सन्नी मुखी के बयान पर बिष्टुपुर थाने में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया गया था.(नीचे भी पढे)
3 जनवरी 2021 की रात जूली की हुई थी हत्या
आरोपी राहुल मुखी संबलपुर (उडीसा) के रहने वाले ने पुलिस के समक्ष जूली की हत्या का खुलासा करते हुए बताया था कि माता-पिता के मौत के बाद वह मुन्ना घोष के यहां रहकर उसके शराव दुकान में काम करता था. उसे प्रतिदिन एक सौ रुपए मिलता था और जूली घोष के साथ उसी के घर पर रहता था. घटना के दिन वह शिवम घोष एवं कदमा के रहने वाले शिवम के दो साथियों के साथ मिलकर पीपल पेड़ के नीचे बैठाकर शराब पी रहे थे. तभी शिवम ने बोला कि हम लोग जूली चाची के बरामदे में बैठाकर शराब पीते है तो वह हम लोगों को शराब पीने को लेकर गाली-गलौज करते हैं और झगड़ा भी करती हैं.(नीचे भी पढ़े)
यह रोज-रोज का झगड़ा अच्छा नहीं हैं, शिवम ने जूली को रास्ते से हटाने के लिए योजना बनाया और बेलचा से मारकर हत्या कर दी.जूली घोष धातकीडीह हरिजन बस्ती में क्वार्टर नंबर 17/4 में अकेली रहती थीजूली घोष की पहले पति रमेश मुखी के मौत के बाद वह कल्लू घोष से प्रेम विवाह किया था. जूली को पहले पति रमेश से एक बेटा है जिसका नाम सन्नी मुखी हैं. सन्नी अपने दादी के साथ रहता था. जूली की दूसरा पति कल्लू घोष की हत्या 2016 में उसी के सभी फुआ के बेटे लोगों ने मिलकर कर दिया था. तब से जूली घोष उसी क्वार्टर में अकेली रहती थी.











