जमशेदपुर: नये साल का पहला दिन जमशेदपुर पार्टी पिकनिक में सराबोर था. हर ओर खुशी ,मस्ती देखने को मिल रही थी. सारे पिकनिक स्पॉट खचाखच भरे हुए थे. लोगों ने जमकर नए साल का स्वागत किया. यह नजारा नए साल पर बहुत सामान्य है. वहीं दूसरी ओर कुछ युवाओं की टोली अपने भजन मंडली का दूसरा वार्षिकोत्सव मना रही थी. यह कुछ हटकर या लीक से अलग बात तो जरूर है. हम बात करे है श्री रामकृष्ण कीर्तन मंडली की. इस कीर्तन मंडली की स्थापना एक जनवरी 2021 से हुई थी. आज यह कीर्तन मंडली 100 से ज्यादा कीर्तन कर चुकी है. इस मंडली में अभी 35 से ज्यादा सक्रिय सदस्य है. खास बात यह है कि इस भजन मंडली में 95 प्रतिशत से ज्यादा सदस्य 30 साल से कम उम्र के है. मंडली की स्थापना का श्रेय मुख्यत शुभोदीप सरकार , देवब्रत दुबे , अंजन सेन , शिल्पी रॉय , साई शियाराम सुधा को जाता है. (नीचे भी पढ़े)

मंडली की स्थापना का मुख्य उद्देश्य राम नाम का प्रचार प्रसार करना है. साथ ही युवाओं को सनातन धर्म के महत्व से रुबरू करवाना है. भजन मंडली के क्रियांवन की बात करे तो किसी भी तरह का कोई शुल्क नहीं लिया जाता है. पूरी तरह से यह मुफ्त में दी जाने वाली सेवा है. मंडली के प्रमुख सदस्य देवब्रत ने बताया कि यह काम पैसे लेकर भी किया जा सकता है , परंतु ऐसा करने से गरीब लोग जो अपने घर में हरिनाम संकीर्तन करवाना चाहते है, वो इससे वंचित रह जाएंगे. (नीचे भी पढ़े)

इस मंडली की खास बात यह है कि इसके सारे सदस्य बहुत ज्यादा पढ़े लिखे है. बहुत से सदस्यों ने तो पीएचडी की डिग्री भी हासिल की है. कोई सदस्य जूनियर साइंटिस्ट है तो कोई एमबीए के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देता है. ज्यादातर सदस्य उच्च विघालयों में शिक्षक है. श्री रामकृष्ण कीर्तन मंडली ने कई लोगों के घरों में भजन किया है . आम के साथ साथ खास लोगों ने भी श्री रामकृष्ण कीर्तन मंडली के कार्य को न केवल सराहा है ,बल्कि अपने यहां प्रस्तुति का मौका भी दिया है. साई शियाराम सुधा के अनुसार अब तक वे तीन बार डीआईजी सीआरपीफ के आवास पर भी अपना कार्यक्रम प्रस्तुत कर चुके है. आज जहां युवा पढ़ाई और नौकरी से समय न होने का बहाना बनाते है. (नीचे भी पढ़े)
वहीं इस मंडली ने यह साबित कर दिया है कि संसारिक जीवन में रहकर भी हरि नाम संकीर्तन किया जा सकता है. मंडली के पास अपने वाघ यंत्र भी है. कई अच्छे गायक है जिन्होंने संगीत की शिक्षा भी ली है. मंडली के प्रमुख उद्दघोषक देवब्रत दुबे है , वहीं तबला वादन शुभोदीप के द्वारा किया जाता है . बंगला भक्ति भजन दो सगे भाईयों अंजन सेन और अरिंदम सेन के द्वारा प्रस्तुत किया जाता है. शिल्पी एक मात्र महिला गायिका है. संदीप पोद्दार माता के भजनों को गाने में दक्ष है.मंडली के कई अन्य सदस्य भी अच्छा गाते और बजाते है.



