जमशेदपुर : विश्व हिन्दू परिषद जमशेदपुर महानगर ने बुधवार को उपायुक्त कार्यालय में डीसी के नाम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा है. सौंपे गए ज्ञापन में उनकी मांग है कि कि सामाज में घृणा फैलाने और झूठ बोलने वाले मौलवियों और नेताओं पर कठोर कानून बनाया जाए, हमलों में सम्मिलित अवयस्कों को वयस्क के समान माना जाए, हिंसा के लिए प्रेरित करने वाले लव जिहादो को कठोर कानून लाया जाए. गौरतलब है कि देश में जिहादी तत्व घृणा और आतंक का वातावरण निर्माण कर रहे हैं. कभी “सर तन से जुदा गैंग” सक्रिय होता है तो कभी लव जिहाद या जिहाद के अन्य प्रकारों से हिंदू समाज को आतंकित करने का षड्यंत्र किया जाता है. (नीचे भी पढ़ें)
इसके साथ ही हिंदू संगठनों, उनके कार्यकर्ताओं और हिंदू नेताओं पर हमले कर उनकी हत्या करने की कई घटनाएं सामने आई हैं. 8 जनवरी को असम के करीमगंज जिले के लोविरपुरा में बजरंग दल के एक 16 वर्षीय कार्यकर्ता शंभू कैरी की एक जिहादी द्वारा चाकू से गोदकर निर्मम हत्या कर दी गई थी. पिछले दो वर्षों में ही बजरंग दल के नौ कार्यकर्ताओं की हत्या हुई थी और 32 कार्यकर्ताओं पर हमले हुए थे, जो घटना अभी दिल्ली में हुई है वह भी चिंता पैदा करती है जिसमें दो हत्यारों ने एक हिंदू की निर्मम हत्या कर दी और उसके 32 टुकड़े करने के बाद कहा कि उसके निशाने पर कई हिंदू नेता भी हैं.
इन सभी मामलों को ध्यान में रखते हुए विश्व हिन्दू परिषद जमशेदपुर महानगर बुधवार को उपायुक्त कार्यालय पहुंचा है, जिसमें उन्होंने डीसी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा है. ज्ञापन सौंपने में मुख्य रूप से विश्व हिन्दू परिषद जमशेदपुर महानगर मंत्री दीपक कुमार वर्मा, सह मंत्री चन्दन चौबे, बजरंग दल संयोजक भोला लोहार, सह संयोजक व पूर्ण कलिक सुभाष चटर्जी, सेवा प्रमुख उत्तम दास, गौ रक्षा प्रमुख अनिरुद्ध गिरी मातृ शक्ति सह प्रमुख ए वंदना एवं कन्हैया पाण्डेय मुख्य रूप से उपस्तिथ थे.












