अनिल कुमार/बोकारो : सेवा नियमन सहित अन्य मांगों को लेकर राज्य के निबंधित पारा स्वास्थ्य कर्मियों की एक पखवाड़े से अधिक समय से जारी बेमियादी हड़ताल आज शुक्रवार को भी जारी रही. यहां गोमिया में हड़ताली कर्मचारियों ने शुक्रवार को गोमिया अस्पताल में तालाबंदी करने के बाद धरने पर बैठे. (नीचे भी पढ़ें)

बता दें कि पूरे राज्य के साथ ही बोकारो जिले के अनुबंधित पारा स्वास्थ्य कर्मी भी स्थायीकरण सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विगत एक पखवाड़े से अधिक समय से बेमियादी हड़ताल पर हैं. इसमें झारखंड राज्य एनआरएचएम, एएनएम, जीएनएम अनुबंध कर्मचारी संघ एवं झारखंड राज्य अनुबंधित पारा चिकित्सा कर्मी संघ के संयुक्त तत्वावधान में पारा चिकित्सा कर्मी, एएनएम, जीएनएम, फर्मासिस्ट, एक्सरे टेक्नीशियन, लैब टेक्नीशियन आदि शामिल हैं. सरकार के अड़ियल रवैये के विरोध में हड़ताली कर्मियों ने शुक्रवार को गोमिया अस्पताल में तालाबंदी कर दी एवं उसके बाद धरने पर बैठ गए. उधर इन स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल के कारण पूरे राज्य के साथ बोकारो जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था भी चरमरा गयी है. हड़ताली कर्मचारियों की मांग है कि सरकार उनकी सेवा स्थायी करे. (नीचे भी पढ़ें)

उनके अनुसार बार-बार आश्वासन देने के बाद भी सरकार के ढीले रवैए के कारण उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है. कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर 24 जनवरी से आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी भी दी है. हड़ताली कर्मियों का कहना है कि वे विगत 16-17 वर्षों से अत्यंत कम मानदेय पर काम कर रहे हैं. यही नहीं, कोरोना काल में उन्होंने अपनी व अपने परिजनों की परवाह किये बिना आम जनता की सेवा में जुटे रहे. कोरोना काल की सेवा को लेकर सरकार ने उन्हें कोरोना वारियर का दर्जा देते हुए सेवा नियमन का वायदा भी किया, लेकिन सरकार आज उस वायदे को भूल चुकी है, इसलिए सरकार की वायदाखिलाफी के खिलाफ आज वे धरने पर बैठे हैं. इस दौरान कर्मियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की.



