जमशेदपुर : जमशेदपुर के कदमा थाना क्षेत्र के तिस्ता रोड के क्वार्टर नंबर 97-99 में टाटा स्टील के कर्मचारी दीपक कुमार द्वारा अपनी पत्नी वीणा देवी, दो बेटी और बेटी की ट्यूशन टीचर रिंकी घोष की हत्या करने के मामले में जमशेदपुर कोर्ट ने शनिवार को फैसला सुनाया. इस घटना के आरोपी टाटा स्टील के कर्मचारी दीपक कुमार को मामले में कोर्ट ने दोषी पाया है. इस मामले में अब उसको 6 अप्रैल को सजा सुनायी जायेगी. जमशेदपुर कोर्ट के एडीजे चार राजेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत ने यह माना कि दीपक कुमार पर जो भी आरोप थे, वह सही थे. उसके खिलाफ कुल 25 गवाहों ने गवाही दी थी जबकि उसके पास से जब्त सामान की फोरेंसिक जांच में भी वह दोषी पाया गया था. इस कारण कोर्ट ने उसको दोषी करार दिया. उसके खिलाफ दायर धारा 302 (हत्या), धारा 376 (बलात्कार), 307 (जानलेवा हमला करने), धारा 379 (चोरी) और धारा 376 ए (जबरन बलात्कार करने) के मामले में दोषी पाया है. अब कोर्ट 6 अप्रैल को फैसला सुनायेगी. (नीचे भी पढ़ें)
इस मामले में पुलिस की तरफ से सरकारी वकील ओम कुमार ने पक्ष रखा था. वे अब उनको फांसी की सजा सुनाने की मांग करेंगे. वैसे जानकार यह बता रहे है कि चूंकि, आरोपी ने खुद की पत्नी, दोनों बेटियों के साथ अविवाहित लड़की जो ट्यूशन पढ़ाने आयी थी, उसके साथ बलात्कार भी किया था और हत्या कर दी थी, इस कारण कोर्ट इसको सबसे घृणित मामला मानकर फांसी की सजा सुना सकता है. वैसे हत्या के मामले में दो ही ऑप्सन कानून के मुताबिक, फैसला आ सकता है. आरोपी को या तो फांसी की सजा सुनायी जा सकती है या फिर आजीवन कारावास की सजा, उससे कम की सजा नहीं हो सकती है. फिलहाल, लोगों की नजर 6 अप्रैल पर टिकी रहेगी. फैसला सुनने के दौरान उसको जेल से ही वीडियो कांफ्रेंसिंग से जोड़ा गया था. (नीचे भी पढ़ें)
12 अप्रैल 2021 को हुई थी सनसनीखेज घटना
12 अप्रैल 2021 को जमशेदपुर के कदमा तिस्ता रोड स्थित क्वार्टर में टाटा स्टील के कर्मचारी दीपक कुमार ने अपनी पत्नी वीणा देवी एवं दो बेटी और बेटी के ट्यूशन टीचर रिंकी घोष की हत्या कर फरार हो गया था. दीपक कुमार की पत्नी वीणा कुमारी के भाई ने बयान में बताया था कि उसकी बहन वीणा कुमारी की शादी दीपक कुमार से नवंबर 2004 में हुई थी. उसकी दो बेटियां हैं. सभी लोग क्वार्टर नंबर 97/99 में रहते थे. 12 अप्रैल 2021 को वह करीब ढाई से तीन बजे ऑफिस से अपने घर लंच के लिये जा रहा था. इस बीच उनकी पत्नी जयश्री साहु ने फोन कर बताया कि रोशन का फोन आया था, दीपक कुमार ने रोशन और उसके परिवार को लंच पर घर पर बुलाया हैं. रोशन के घर पर पहुंचते ही दीपक ने उस पर हथौड़े से हमला कर दिया. हमले से अंकित और रोशन घायल दोनों ही गंभीर रूप से घायल हो गये थे. इसके बाद दोनों को इलाज के लिये टीएमएच में भर्ती कराया गया है. सूचना पर वह टीएमएच पहुंचे जहां पर देखा कि दोनों की हालत काफी गंभीर है. दीपक बचपन से ही अय्याश किस्म का था. साल 2004 में उसकी शादी वीणा से हुई थी. बचपन से ही प्रभु उसके साथ रहा करता था. साल 2012 में उसने टाटा स्टील में ज्वाइन किया. इसके बाद उसने 40 लाख में सोपोडेरा वाला घर बेच दिया. 20 लाख खुद रखे और 20 लाख रुपए भाई को दे दिया. 2019 में उसने प्रभु से 17 लाख रुपए में एक हाइवा लिया और साथ ही एक लाख रुपए में बाइक भी ली. बाद में उसे जानकारी हुई की हाइवा का 5 लाख रुपए का रोड टैक्स बकाया है. उसे प्रभु ने ठग दिया है. हालांकि हाइवा को उसने जोजोबेडा प्लांट में चलवा रहा था. बाद में लॉकडाउन के कारण उसका हाइवा नही चल रहा था. रोशन ने उसे बताया कि वह खड़गपुर स्थित एक कंपनी में हाइवा चले देगा. पर इस बीच रोशन ने उसे हिसाब नही दिया. बाद में उसने टाटा स्टील कॉ-ऑपरेटिव सोसाइटी से 4.5 लाख रुपये और बाकि 1.5 लाख रुपए का लोन लिया. उसकी सैलेरी 34 हजार थी पर लोन के वजह से उसे मात्रा 8 हजार रूपए मिलते थे. इसलिए वह परेशान रहा करता था. उसने घटना से 1 हफ्ते पहले से प्लानिंग कर रखी थी की रोशन को खाने पर बुलाकर उसे मारेगा और फिर टीचर की स्कूटी लेकर देर शाम प्रभु के साथ शराब पीने के दौरान उसकी हत्या करेगा. उसके पहले वह परिवार की हत्या करेगा. घटना की सुबह 5 बजे पत्नी उठी थी. उसके साथ थोड़ी देर बात की, रोज की तरह फ्रिज में पानी रखा और लगभग 8 बजे पत्नी की हत्या की. हत्या करने के बाद पलंग पर सोई हुई बड़ी बेटी की हत्या की और फिर छोटी बेटी की हत्या कर दी. हत्या करने के बाद वह नहाया और फिर नहाने के बाद ससुराल जाकर वहां से गहने लिए. कदमा बाजार जाकर गहने बेचकर घर आया. इतने में टीचर घर आई. उसने चाकू की नोक पर टीचर से उसकी स्कूटी मांगी पर टीचर ने माना कर दिया. टीचर भागते हुए उस कमरे में गई जहां पत्नी का शव पड़ा था. उसने शव देख लिए इसलिए पहले उसका हाथ और मुंह बंधा और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी. इस छीना झपटी में टीचर का कपड़ा इधर उधर हो गया जिससे उसकी नियत बिगड़ गई और टीचर के मारने के बाद उसके साथ दुष्कर्म किया. दुष्कर्म करने के बाद शव को बेड के अंदर डाल दिया. थोड़ी देर बाद रोशन घर आया, पर उसके साथ उसकी पत्नी और साला को देखकर उसे लगा कि उसका प्लान बेकार हो गया इसलिए पहले उसने साले अंकित को मारने की सोची. उसने घर में म्यूजिक सिस्टम का साउंड हाई कर दिया और घर पर अंकित पर वह किया. रोशन पर भी वार किया पर रोशन की पत्नी आराध्या बाहर चली गई तो उसका प्लान फेल हो गया. किसी तरह इलाज करवाने का बहाना बनाकर वह वहां से भागा. आदित्यपुर, राजनगर और फिर वहां से राउरकेला पहुंचा. राउरकेला में उसकी बाइक पंचर हो गई तो वह बाइक को एक पंचर दुकान में छोड़कर वहां से कैब बुक किया और पूरी चला गया. पूरी में 13 और 14 अप्रैल को रुकने के बाद 15 अप्रैल को वह दूसरी कैब बुक कर रांची गया. रांची में शॉपिंग की ओर फिर वहां से धनबाद पहुंच गया. धनबाद में एक रात रुकने के बाद वह 16 की सुबह हीरापुर स्थित एचडीएफसी बैंक में भाई के अकाउंट में रुपए जमा करने पहुंचा पर यहां उसने मैनेजर से झगड़ा कर लिया जिसके बाद उसे पुलिस ने पकड़ लिया. इसके बाद से वह जेल में बंद है.











