जमशेदपुर : जमशेदपुर भाजपा के वरिष्ठ नेता अभय सिंह ने रामनवमी विसर्जन जुलूस को लेकर अपनी स्थिति को साफ किया है. पूरे घटनाक्रम की जानकारी उन्होंने दी और बताया कि उनको अफसोस है कि इस आंदोलन के कारण रामनवमी विसर्जन जुलूस भव्य तौर पर नहीं निकल पाया, लेकिन हमारी नियत पर कोई सवाल नहीं उठा सकता है क्योंकि हम और हमारे दादा, पिता और हम भी हिंदुत्व के मुद्दे पर जेल जा चुके है. दुर्गा पूजा में भोग वितरण को लेकर लड़ाई हमने लड़ा, जिसका केस आज भी हम लड़ रहे है. हमारे खिलाफ वारंट निकला हुआ है. (नीचे भी पढ़ें और देखें वीडियो)
उन्होंने कहा कि वारंट के मामले में हम जमशेदपुर के साकची थाना में वे 6 अप्रैल को जायेंगे. साकची थाना में जाकर वे खुद अपनी गिरफ्तारी देने की कोशिश करेंगे. थाना में एक घंटे तक रहेंगे. उसके बाद प्रशासन को गिरफ्तार करना है या नहीं करना है, यह प्रशासन को तय करना है. उन्होंने शांति समिति को भी भंग करने की मांग की, जो अशांति फैला रहे है. उन्होंने केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति को भी भंग करने की घोषणा कर दी, जिसके संरक्षक वे थे. उन्होंने कहा कि जो लोग अखाड़ा नहीं निकालते है, वे लोग अखाड़ा समिति के पदाधिकारी बन चुके है. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने बताया कि जमशेदपुर के लिए माहौल को कलंकित कर दिया गया. सिदगोड़ा और हल्दीपोखर में घटना हो गयी. पुलिस और सरकार का सारा तंत्र फेल कर गया. खुफिया तंत्र फेल कर गया. प्रशासनिक और सरकार की लापरवाही के कारण ऐसा हुआ है. उन्होने राज्य के मंत्री बन्ना गुप्ता को भी आड़े हाथों लिया और कहा कि बन्ना गुप्ता चाहते तो रामजी की पगड़ी को बचाने के लिए रास्ते में नहीं आये और एक वर्ग विशेष को खुश करने के लिए मंत्री बन्ना गुप्ता ने काम किया. अब बहानाबाजी कर रहे है.











