जमशेदपुर : जमशेदपुर के डीसी पूल के आवास में रहने वाले पदाधिकारियों और कर्मियों की जांच रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपा गया. गौरतलब है कि दो दिन पहले उपायुक्त विजया जाधव के साथ बैठक में टाटा स्टील प्रबंधन ने 134 डीसी पूल के टाटा स्टील के क्वार्टर की सूची सौंपी थी, परन्तु इसमें से बहुत सारे आवास में कौन विभाग के पदाधिकारी या कर्मी रहने वाले हैं, यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा था. वहीं कई वरीय पदाधिकारियों को रेंट पर रहना पड़ रहा है. इसको देखते हुए उपायुक्त द्वारा दो अलग-अलग जांच टीम कार्यपालक दण्डाधिकारी निशा कुमारी एवं ज्योति कुमारी के नेतृत्व में गठित की गई थी. प्रत्येक टीम में जिला प्रशासन के 4 कर्मी तथा टाटा स्टील एस्टेट विभाग के 1 कर्मी शामिल थे. (नीचे भी पढ़ें)

जांच टीम ने रिपोर्ट उपायुक्त को सौपा. जांच टीम ने पाया कि एक-दो आवास में जिस पद के पदाधिकारी को आवंटित किया जा सकता था, उससे निम्न पद के कर्मचारी आवासित हैं. कुछ ऐसे भी मामले सामने आए जिनमें आदेशपाल को बंगला आवंटित पाया गया. कई रिटायरकर्मी अभी भी आवास में जमे हुए हैं, कईयों ने सरकारी आवास में भाड़ेदार को रखा हुआ है तथा कुछ जगहों पर कॉमर्शियल गतिविधि भी संचालित पाई गई. जांच टीम ने यह भी पाया कि कुछ ऐसे पदाधिकारी या कर्मी के परिजन अभी भी डीसी पूल के आवास में रह रहे हैं जिनका ट्रांस्फर दूसरे जिला में हो गया है. जांच टीम ने यह भी पाया कि कई आवास की स्थिति काफी जर्जर है जिनके मरम्मती की आवश्कता है.











