
जमशेदपुर : जमशेदपुर की उपायुक्त विजया जाधव के मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देशानुसार उप विकास आयुक्त मनीष कुमार की पहल से जिले में शुरू किए प्रोजक्ट ‘परख: पढ़ाई और खेल’ को लेकर शिक्षकों के साथ-साथ बच्चों एवं उनके अभिभावकों में भी काफी उत्साह नजर आ रहा है. शनिवार को जिले के 147 उच्च विद्यालयों में आयोजित गणित विषय के साप्ताहिक परीक्षा के बेस्ट थ्री विद्यार्थियों को सोमवार सुबह के प्रार्थना सभा में अभिभावकों की उपस्थिति में पुरस्कृत किया गया. पुरस्कार पाकर बच्चे काफी हर्षित दिखे. उक्त प्रोजेक्ट के तहत स्कूल परिसर में साफ-सफाई अभियान नियमित चलाने के साथ-साथ कई आमूलचूल परिवर्तन भी लाये जा रहे हैं. सभी विद्यालयों में ब्लैक बोर्ड का रंगरोगन किया जा रहा है. वहीं बाल संसद का भी फिर से पुनर्गठन किया गया है. उप विकास आयुक्त ने प्रोजक्ट ‘परख: पढ़ाई और खेल’ के बेहतर संचालन को लेकर दिए गए निर्देश में कहा कि अब बच्चों के हाथों पैंरेट टीचर मीटिंग में भाग लेने के लिए उनके अभिभावकों को पत्र भेजा जाएगा. सभी अभिभावकों को इस मीटिंग में शामिल होना अनिवार्य होगा, माता-पिता दोनों शामिल नहीं हो सकतें है तो कोई एक जरूर शामिल हों. (नीचे भी पढ़ें)
विद्यालयों में अनिवार्य किया गया फर्स्ट एड एवं सैनिटरी बॉक्स-
उप विकास आयुक्त ने कहा कि सप्ताह में एक दिन एक पीरियड डॉक्यूमेंट्री पीरियड होगा जिसमें जिला से भेजे गए वीडियो/ डॉक्यूमेंट्री बच्चों को दिखाया जाएगा. सभी शिक्षकों के लिए फॉर्मल ड्रेस अनिवार्य करते हुए आईकार्ड लगाने, फर्स्ट एड बॉक्स एवं सैनिटरी बॉक्स रखने का निर्देश भी दिया गया है. सुबह के प्रार्थना सभा में “थॉट ऑफ द डे” तथा विद्यालय में सबसे पहले पहुंचने वाले बच्चे का शिक्षक के हाथों फूल देकर स्वागत किया जाएगा. उप विकास आयुक्त ने इन बदलावों को लेकर कहा कि अभी ये शुरूआत है, इन छोटे-छोटे प्रयासों से बच्चों को विद्यालय आने पर एक बेहतर वातावरण देने, आत्मविश्वास जगाने तथा परीक्षा में तनावमुक्त रहते हुए कैसे खुद को बेहतर ढंग से प्रस्तुत कर सकते हैं इस दिशा में कोशिश की जा रही है.




