जमशेदपुर : ओलचिकी लिपी हुल बैसी के बैनर तले अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बुलाए गए झारखंड बंद का कई इलाकों में जबरदस्त असर देखने को मिला. इस दौरान जमशेदपुर से सटे एनएच 33 से लेकर जमशेदपुर को जोड़ने वाली सड़कों में आदिवासी समुदाय के लोगों ने रोड जाम कर दिया. कई मुख्य पुल को भी लोगों ने जाम कर दिया, जिससे शहर की भी यातायात व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गयी थी.

करणडीह, सुंदरनगर समेत आसपास लगाया गया जाम
ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक असर देखने को मिला. जमशेदपुर के करनडीह, सुंदरनगर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से ही बंद समर्थक पारंपरिक परिधान में व पारंपरिक हथियार लिए सड़क पर उतर गए और जोरदार प्रदर्शन करते रहे. संताली भाषा को प्रथम राजभाषा का दर्जा देने, संताली शिक्षकों की बहाली करने, संताली एकेडमी का गठन करने, संताली भाषा के पुस्तकों को ओलचिकी लिपि भाषा में विमोचन करने जैसे विभिन्न मुख्य मांगों को लेकर ओलचिकी लिपि हुल बैसी के बैनर तले बंद समर्थक पूरे पारंपरिक परिधान के साथ सड़क पर उतर कर राज्य सरकार के खिलाफ अपने आंदोलन को तेज करते नजर आए. सुबह से ही जमशेदपुर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई. दोपहिया वाहनों से लेकर बड़ी वाहनों तक का परिचालन पूरी तरह से अवरुद्ध कर दिया गया. जानकारी देते हुए बंद का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता संजीव मुर्मू ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा उनकी अनदेखी की जा रही है. राज्य सरकार को पहले ही चेतावनी दी गई थी कि उनकी मांगों को पूरा कर लिया जाए. मांग पूरी नहीं होने पर आज सड़क पर उतर कर वे सभी अपना विरोध दर्ज कर रहे हैं. इस दौरान सुंदरनगर में भी रोड जाम कर दिया गया था. यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गया था.

मानगो चौक को किया जाम, यातायात प्रभावित
आदिवासी स्वशासन व्यवस्था माझी परगना महाल और ओलचिकी हूल बैसी के झारखंड बंद के दौरान दोपहर को जमशेदपुर के मानगो चौक पर जाम लगा दिया गया. हालांकि पुलिसकर्मियों ने समझा-बुझाकर उन्हें हटा दिया. लेकिन, इसके बाद मानगो पुल जाम हो गया. लगभग 3 घंटे तक मानगो पुल जाम रहा. लोग परेशान हैं. जाम में हजारों लोग फंसे रहे. इन दोनों संगठनों के हजारों कार्यकर्ता अन्य इलाकों में सड़क पर उतरकर सडक पर बैठ गये थे. इसके अलावा सोनारी के पास स्थित डोबो पुल (जमशेदपुर को सरायकेला-खरसावां जिला और एनएच 33 को जोड़ने वाला पुल) को भी लोगों ने जाम कर दिया था. दोनों ओर के पुल को जाम करके सारे लोग बैठ गये थे. इससे पूरी यातायात व्यवस्था ही चौपट हो गयी थी. पूरा जमशेदपुर शहर जाम से परेशान रहा था.

आंदोलन के कारण ट्रेन यातायात प्रभावित रही, कई ट्रेनें रद्द, कई ट्रेनें डाइवर्ट, कई ट्रेनों को आधा रास्ते में ही रोका गया
पूरे झारखंड में हुए आदिवासी समुदाय के आंदोलन के दौरान कई स्थानों पर रेलवे लाइन को भी जाम कर दिया गया था. सालगाझुड़ी रेलवे फाटक के पास ट्रेन यातायात को रोक दिया गया था. इसके अलावा चाकुलिया, घाटशिला, बहरागोड़ा में ट्रेनों को रोका गया. चांडिल के पास भी रेल को रोक दिया गया. इससे कई ट्रेनों को रोका गया. शालिमार विशाखापट्टनम एक्सप्रेस को 5 जुलाई को रिशिड्यूल किया गया है. यह ट्रेन 4 जुलाई को शाम 6.30 बजे खुलनी थी, लेकिन इसको 5 जुलाई की आधी रात 12.30 बजे खोली जायेगी. शालिमार ओखा एक्सप्रेस को शालिमार से 5 जुलाई कोसुबह 6 बजे खोली जायेगी, जो 4 जुलाई को रात 9.05 बजे खुलनी थी. इसी तरह शालिमार गोरखपुर एक्सप्रेस ट्रेन को 4 जुलाई की रात 8.20 बजे खुलनी थी, लेकिन यह 5 जुलाई की सुबह 5 बजे खुलेगी. हावड़ा मुंबई सीएसएमटी मेल को भी 4 जुलाई की रात 7.50 बजे के बजाय 5 जुलाई की सुबह 5 बजे रवाना किया जायेगा. हावड़ा पुणे आजाद हिंद एक्सप्रेस ट्रेन को 4 जुलाई की रात 10.10 बजे के बजाय 5 जुलाई की सुबह 6 बजे रवाना किया जायेगा. दूसरी ओर, पुरुलिया झाड़ग्राम ट्रेन स्पेशल को 4 जुलाई को गम्हरिया के पास सेही वापस कर दिया गया. वहीं, आसनसोलटाटानगर स्पेशल ट्रेन को भी कांड्रा के पास से ही वापस किया गया. एमजीआर चेन्नई सेंट्रल संतरागाछी एक्सप्रेस ट्रेन को 6 जुलाई को रद्द कर दिया गया है. आसनसोल टाटानगर ट्रेन को भी पुरुलिया से वापस लौटा दिया गया है जबकि टाटानगर आसनसोल को भी पुरुलिया तक ही ले जाने का आदेश दिया गया था. बड़बिल हावड़ा जनशताब्दी ट्रेन को रद्द कर दिया गया था. खड़गपुर टाटानगर खड़गपुर पैसेंजर ट्रेन को भी रद्द कर दिया गया था. हावड़ा बड़बिल जनशताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन को खड़गपुर से ही लौटा दिया गया जबकि हावड़ा घाटशिला मेमू एक्सप्रेस ट्रेन को खड़गपुर से वापस कर दिया गया. घाटशिला हावड़ा मेमू एक्सप्रेस ट्रेन को भी खड़गपुर से लौटा दिया गया. गोरखपुर शालिमार एक्सप्रेस को चांडिल आद्रा मिदनापुर होकर चलाया गया. इसी ओखा शालिमार एक्सप्रेस को भी चांडिल, आद्रा मिदनापुर से डाइरर्ट किया गया. हावड़ा मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस को भी मिदनापुर, आद्रा, चांडिल, टाटानगर होकर चलाया गया. शालिमार एमजीआर चेन्नइ सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस को दोपहर 3.20 बजे रवाना करना था, लेकिन इसको रात 8.50 बजे रवाना किया जा रहा है. हावड़ा एसएमवीबी बंगलुरु ट्रेन हमसफर एक्सप्रेस को दोपहर 12.40 बजे के बजाय दोपहर तीन बजे रवाना किया गया. शालिमार एमजीआर को भी दोपहर 12.20 बजे के बजाय दोपहर 2.20 बजे रवाना किया गया. हावड़ा बड़बिल जनशताब्दी ट्रेन को भी हावड़ा से सुबह 9 बजे रवाना किया गया, जो सुबह 6.20 बजे खुलती है.




