
रांची : झारखंड पुलिस के राजधानी रांची स्थित मुख्यालय के सभागार में पुलिस महानिदेशक एवं महानिरीक्षक, झारखण्ड की अध्यक्षता में राज्य के अपराध नियंत्रण एवं विधि-व्यवस्था संधारण हेतु समीक्षा बैठक आयोजित की गई. उक्त बैठक में पुलिस महानिदेशक एवं महानिरीक्षक, झारखण्ड द्वारा महत्वपूर्ण अपराध शीर्ष यथा – हत्या, डकैती, लूट, स्नेचिंग, आर्म्स एक्ट फिरौती के लिए अपहरण, संगठित अपराधिक गिरोह द्वारा रंगदारी के प्रतिवेदित काण्डों का ऑकडा, उपरोक्त शीर्षो के अन्तर्गत लंबित काण्डों की विवरणी एवं संगठित अपराधियों के विरूद्ध की जा रही कार्रवाई के संबंध में विस्तृत रूप से चर्चा की गई. नवोदित अपराधकर्मियों पर विशेष निगरानी रखें एवं जमीन के विवादों सहित बुजुर्गों की समस्याओं पर अविलम्ब कार्रवाई करें. इस अपराध नियंत्रण बैठक के क्रम में गृह सचिव, झारखण्ड अविनाश कुमार ने भी भाग लिया एवं सभी जिलों में अपराध नियंत्रण हेतु की गयी कार्रवाई की अद्यतन जानकारी भी प्राप्त की. उन्होंने नवोदित अपराधकर्मियों पर विशेष निगरानी रखने, ड्रग्स (नारकोटिक्स) नेटवर्क का पता करते हुए आखिरी संलिप्त अपराधकर्मी तक पहुँच कर उनके विरूद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने, संगठित रूप से किये जाने वाले अवैध उत्खनन (यथा-कोयला, आयरन ओर बालू एवं पत्थर) पर पूर्णतः रोक लगाने, शैक्षणिक संस्थानों के आस-पास बेचे जाने वाले ड्रग्स पैडलर्स को चिन्हित कर गिरफ्तार कर उसपर रोक लगाने तथा जमीन के विवादों सहित बुजुर्गों की समस्याओं पर संवेदनशील होकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया. (नीचे भी पढ़ें)
पुलिस महानिदेशक एवं महानिरीक्षक, झारखण्ड ने सभी जिलों के वरीय पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षकों, क्षेत्रीय पुलिस उप महानिरीक्षक एवं प्रक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक से उनके क्षेत्र एवं जिलों में अपराध नियंत्रण एवं विधि-व्यवस्था की वर्तमान स्थिति पर जिलावार विस्तृत चर्चायें की तथा झारखण्ड में नक्सल फट पर मिली सफलताओं के लिए सभी की सराहना करते हुए हाल के दिनों में विशेषकर रामगढ़ एवं राँची में घटित घटनाओं सभी की सराहना करते हुए हाल के दिनों में विशेषकर रामगढ़ एवं रांची में घटित घटनाओं को लेकर राज्य में संगठित आपराधिक गिरोहों पर नकेल कसने का निर्देश दिया. उन्होंने संगठित आपराधिक गिरोहों पर लगाम लगाने के लिए सभी जिला में अपराधिक गिरोहों एवं उनके सदस्यों की सूची तैयार कर फिरार अपराधकर्मियों को यथाशीघ्र पकड़ने एवं जेल में बंद अपराधकर्मियों पर निगरानी रखने ताकि उसके द्वारा जेल से मोबाईल द्वारा अपने आपराधिक गिरोह का संचालन नहीं कर सके। जेल से छूटे अपराधकमियों का बेल कैन्सिलेशन कराने तथा सीसीए के तहत आवश्यक कार्रवाई करने, स्पीडी ट्रायल कर अपराधियों को सजा दिलाने एवं फिरार अपराधकमियों के विरूद्ध पुरस्कार की घोषणा करने का निर्देश दिया. बैठक में महत्वपूर्ण अपराध शीष के अन्तर्गत घटित घटनाओं से संबंधित प्रतिवेदित काण्डों को उदभेदित करते हुए शामिल अपराधकर्मियों को यथाशीघ्र गिरफ्तार कर उनके विरूद्ध आरोप पत्र समर्पित करने तथा शहर में हो रहे स्नेचिंग की घटनाओं पर पूर्णतया रोक लगाने हेतु वैसे हॉटस्पॉट को चिन्हित कर पैदल गश्ती और मोटर साईकिल गश्त लगाने का निर्देश दिया. उन्होंने सभी जिला में समय एवं स्थान बदलकर वाहन चेकिंग कराने तथा बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, टेम्पू स्टैण्ड एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों के आस-पास पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था कराने का निर्देश दिये ताकि अपराधियों एवं असामाजिक तत्वों का जमावड़ा नहीं लगे और छोटे-छोटे अपराधों पर भी लगाम लगाया जा सके. शहर के सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के मालिकों तथा आवासीय कॉलोनी में सम्पर्क कर सीसीटीवी अधिष्ठापित कराने हेतु प्रेरित करें ताकि आस-पास घटना होने पर अपराधियों की पहचान की जा सके। अवैध शराब की रोकथाम हेतु बनाये गये रोडमैप के क्रियान्वयन तथा नाबालिग (बालक/बालिका) को शराब एवं अन्य नशीले पदार्थ बेचने वालों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। (नीचे भी पढ़ें)
विशेष रूप से सारे क्षेत्रीय पुलिस उप महानिरीक्षक और प्रक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षकों को अपने-अपने अधीनस्त जिलों की समीक्षा हेतु निर्देशित किया गया. इस बैठक में अनुराग गुप्ता, महानिदेशक, अपराध अनुशंधान विभाग, संजय आनन्द राव लाठकर, अपर पुलिस महानिदेशक, अभियान, टी कंडासामी, अपर पुलिस महानिदेशक, रेल, मनोज कौशिक, पुलिस महानिरीक्षक, मुख्यालय, अमोल विनुकांत होमकर, पुलिस महानिरीक्षक, अभियान, प्रभात कुमार, पुलिस महानिरीक्षक, प्रोविजन, पंकज कम्बोज, पुलिस महानिरीक्षक, राँची, असीम विक्रांत मिज, पुलिस महानिरीक्षक, अपराध अनुशंधान विभाग राजकुमार लकड़ा, पुलिस महानिरीक्षक, पलामू, नरेन्द्र कुमार, पुलिस उप-महानिरीक्षक, हजारीबाग, सुदर्शन प्रसाद मंडल पुलिस उप महानिरीक्षक, दुमका, अनुप बिरथरे, पुलिस उप महानिरीक्षक, राँची, पटेल मयुर कन्हैयालाल, पुलिस उप-महानिरीक्षक, बोकारो, अजय लिण्डा, पुलिस उप महानिरीक्षक, कोल्हान एवं जिलों के वरीय पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक (अपराध अनुशंधान विभाग और रेल सहित ) ने भाग लिया.











