घाटशिला : घाटशिला महाविद्यालय का 63 वां स्थापना दिवस को धूमधाम से मनाया गया. समारोह का उद्घाटन अतिथियों द्वारा 63 दीपक जलाकर किया गया. उसके बाद सभी अतिथियों, सेवानिवृत शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने मिलकर 63 नारियल फोड़कर कर महाविद्यालय के उत्तरोत्तर विकास हेतु मंगल कामनाएं की. अतिथियों का स्वागत पारंपरिक तरीके से ढोल नगाड़े और नृत्य संगीत के साथ किया गया. समारोह में हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल थे. स्वागत के बाद कमरा संख्या 24 में एक भव्य समारोह आयोजित किया गया. समारोह में अतिथियों द्वारा महाविद्यालय के संस्थापक पूर्व विधायक श्याम चरण मुर्मू, अभय पदो मुखर्जी, स्वामी पूर्णानंद महाराज, अतुल कृष्ण बोस, एवं स्वर्गीय कृष्णा चौबे के तस्वीर पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई.(नीचे भी पढ़े)

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में घाटशिला के विधायक रामदास सोरेन, विशिष्ट अतिथि के रूप में टाटा स्टील सीएसआर के चीफ सौरव राय, टाटा स्टील ट्राइबल सर्विस के हेड जीरेन जेवियर टोपनो, घाटशिला के प्रखंड विकास पदाधिकारी कुमार एस अभिनव एवं अंचल अधिकारी राजीव कुमार को अंग वस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया. समारोह की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ आर चौधरी ने किया तथा संचालन प्रोफेसर इंदल पासवान ने किया. समारोह में स्वागत वक्तव्य देते हुए प्राचार्य डॉक्टर आर के चौधरी ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए महाविद्यालय के भावी प्रगति की योजना के संबंध में विस्तार से बताया. इस मौके पर महाविद्यालय के विकास में महत्वपूर्ण सहयोग के लिए सभी का आभार व्यक्त किया. मुख्य अतिथि के हाथों अंग वस्त्र ओढाकर महाविद्यालय के सेवानिवृत शिक्षक, कर्मचारी, बोर्ड ऑफ गवर्नर के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों एवं प्रेस प्रतिनिधियों को भी प्राचार्य एवं मुख्य अतिथि ने अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया. (नीचे भी पढ़े)
इस मौके पर अतिथियों ने अपने संबोधन में महाविद्यालय के बेहतरी की कामना की और उसे हर संभव मदद करने का भरोसा दिलाया. अपने संबोधन में मुख्य अतिथि विधायक रामदास सोरेन ने कहा कि घाटशिला महाविद्यालय दिनों दिन प्रगति कर रहा है. इसके विकास में जब और जो भी सहयोग चाहिए वे हमेशा करते रहेंगे. उन्होंने आगे कहा कि झारखंड में हमारी सरकार है और टाटा स्टील के मिनी सरकार के सीएसआर चीफ सौरव राय भी यहां उपस्थित हैं. ऐसे में महाविद्यालय का प्रगति होना निश्चित है. समारोह में सेवानिवृत शिक्षक प्रोफेसर मित्रेश्वर एवं प्रोफेसर मदन मोहन प्रसाद ने भी संबोधित किया. प्रोफेसर मित्रेश्वर ने अपने संबोधन में कहा कि यह महाविद्यालय 23 विद्यार्थियों के साथ 1961 में शुरू हुआ था और आज यहां लगभग 14000 विद्यार्थी अध्यनरत हैं. मौके पर मुख्य रूप से पावड़ा की मुखिया पार्वती मुर्मू, उप प्रमुख गोपाल कृष्ण अग्रवाल, लखन मार्डी, बीओजी के सदस्य निर्मल कुमार झुनझुनवाला, योगेंद्र प्रसाद सिंह, बैजू मुर्मू, पूर्व प्राचार्य एमडीपी सिंह, प्रोफेसर सुबोध कुमार सिंह, डॉक्टर एसपी मंडल, डॉक्टर पीके गुप्ता, डॉ एसके सिंह, डॉक्टर संदीप चंद्रा, डॉ एसपी सिंह, डॉक्टर डीसी राम, प्रोफेसर एम प्रमाणिक, प्रोफेसर सोमा सिंह, प्रोफेसर विकास मुंडा, प्रोफेसर राम विनय, प्रोफेसर अर्चना सुरीन, डॉ कंचन सिन्हा, डॉ सिंगो सोरेन, डॉ रूचि स्मिता, डा कन्हाय बारिक, डॉ सरजू पाल, मानिक मार्डी, बसंती मार्डी, मल्लिका शर्मा, डेज़ी सेवा, विधायक प्रतिनिधि जगदीश भगत, काजल डान सहित काफी संख्या में छात्र-छात्राएं एनएसएस एवं एनसीसी वालंटियर उपस्थित थे.




