जमशेदपुर : आर्म्स एक्ट के एक मामले में सुनवाई करते हुए जमशेदपुर कोर्ट के सीजेएम निशांत कुमार की अदालत ने शनिवार को आरोपी बिष्टुपुर के रोड निवासी सुमित कुमार उर्फ चोटी को दोषी करार देते हुए पांच साल का सश्रम कारावास की सजा सुनाई हैं. अदालत ने सुमित को दो अलग-अलग धाराओं के तहत सजा सुनाई हैं. साथ ही 15 हजार रूपए का जुर्माना भी लगाई गई. जुर्माना नहीं देने की स्थिति में 15 दिनों के लिए अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतने का आदेश दिया हैं जबकि मामले की अन्य एक आरोपी आदित्यपुर शेरे पंजाब चौक के रहने वाला कमल अग्रवाल को साक्ष्य अभाव में बरी कर दिया हैं. अपर लोक अभियोजक भोला दास ने बताया कि मामले में कुल छह लोगों की गवाही हुई हैं. सिर्फ लगभग 10 माह में ही कोर्ट में यह फैसला आया है. पुलिस की तत्परता से इस मामले में सजा हुई है. (नीचे भी पढ़ें)
क्या हैं मामला :
30 अक्टूबर 2022 को बिष्टुपुर थाने के अवर निरीक्षक अमित कुमार सिंह को गुप्त सूचना मिली की जमशेदपुर कोर्ट बिष्टुपुर थाना कांड संख्या 211/2022 दिनांक 6 सितंबर 2022 के प्राथमिक अभियुक्त सुमित गिरफ्तारी के भय से भागे फिर रहे हैं. सूचना हैं कि छठ पूजा के अवसर पर वह अपने घर वीमेंस कॉलेज स्थित क्वार्टर नंबर 39 में आने वाला हैं. सूचना पर उसका घर पर घेराबंदी की गई और वह पकड़े गए. तलाशी में उसके कमर में खोंसा हुआ दो पिस्तौल और मैग्जीन एवं 12 बोर की जिंदा गोली बरामद किया गया. पिसतौल पर मेडइन यूएसए और गोली पर केएफ 7.65 लिखा हुआ था. कागजात मांगे जाने पर किसी प्रकार का कागजात प्रस्तुत नहीं किया. पूछताछ में बताया कि यह हथियार कमल अग्रवाल ने उसे दिया था. पुलिस ने मामले में दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. अदालत ने आरोपी सुमित कुमार को आर्म्स एक्ट की घाटा 25(1-बी) ए के तहत तीन साल पांच हजार रुपए और धारा 26(1) के तहत पांच साल दस हजार रूपए का अर्थदण्ड का सजा सुनाई हैं. अदालत ने फैसले में कहा कि दोनों सजांए साथ-साथ चलेगी.











