
सरायकेला : झारखंड में विधानसभा चुनाव नजदीक है. सरायकेला विधानसभा क्षेत्र के गम्हरिया प्रखंड के लोगों ने आगामी चुनाव से पहले ही वोट बहिष्कार का ऐलान कर दिया है. इतना ही नहीं लोगों ने सड़क नहीं बानाए जाने पर किसी भी जनप्रतिनिधि को गांव में घुसने नहीं देने का फरमान भी जारी कर दिया है. जिले के सुदूरवर्ती गांव झारगोविंदपुर के ग्रामीणों ने एक साथ सरकार और निर्वाचन के विरोध में शपथ लिया. जहां ग्रामीणों ने कहा कि आजादी के बाद से लेकर आज तक उनके क्षेत्र की सड़क का निर्माण नहीं किया गया है. वहीं इससे हताश होकर अब ग्रामीणों ने रोड नहीं तो वोट नहीं का नारा बुलंद कर दिया है.

आपको बता दें कि यह क्षेत्र टाटा कंपनी की बाउंड्री से बिल्कुल सटा हुआ है और सड़क नहीं होने के कारण यहां से गम्हरिया स्टेशन की ओर जाने वाले लोगों को आए दिन मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. रोड पर बने गड्ढों के कारण प्रायः दुर्घटनाएं आम हो गयी हैं. कम से कम 12 स्कूल एवं कॉलेजों के छात्र-छात्राएं इस मार्ग से आवागमन करते हैं, जहां कंपनी के कर्मचारियों और विद्यार्थियों का यूनिफार्म गंदा हो जाने के कारण उन्हें गेट से ही वापस भगा दिया जाता है. इधर ग्रामीणों ने मीडिया के सामने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि मंदी के दौर में जहां काम मिलना मुश्किल है, वहीं डेली मजदूरी करने वाले मजदूर जब कंपनी पहुंचते हैं तो देर से पहुंचने के कारण उन्हें उल्टे पांव घर लौटना पड़ता है. इसलिए वह अब किसी भी राजनीतिक दल को इस गांव में प्रवेश नहीं करने देंगे. क्योंकि हर बार हर राजनीतिक दल उन्हें बहला-फुसलाकर उनके वोट का इस्तेमाल करके जीत की मलाई खाते हैं और इनकी ओर मुड़ कर भी नहीं देखते. ग्रामीणों ने कहा कि पिछले 15 सालों से क्षेत्र के विधायक झामुमो के कद्दावर नेता चंपई सोरेन जीतते आ रहे हैं, जो पिछली एनडीए सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं. बावजूद यहां की सड़क नहीं सुधरी.



