जमशेदपुर: श्रीनाथ विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग अंतर्गत मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आगामी 21 से 25 जुलाई तक “सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लिए मैकेनिकल इंजीनियरिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग का प्रभाव” विषय पर पांच दिवसीय ऑनलाइन फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का आयोजन किया जा रहा है. इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों, शोधार्थियों, उद्योग विशेषज्ञों एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को आधुनिक मैकेनिकल इंजीनियरिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) की बढ़ती भूमिका से अवगत कराना तथा इन उभरती हुई तकनीकों के व्यावहारिक एवं औद्योगिक अनुप्रयोगों की जानकारी प्रदान करना है. कार्यक्रम के माध्यम से एआई एवं एमएल तकनीकों को पारंपरिक विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) और मैकेनिकल इंजीनियरिंग प्रक्रियाओं के साथ जोड़कर सतत औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने पर विशेष चर्चा होगी. (नीचे भी पढ़ें)
एफडीपी के दौरान प्रतिभागियों को एआई-सहायित एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रियाओं में मशीन लर्निंग के प्रयोग, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम, प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन, डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग, डेटा-आधारित निर्णय प्रणाली, इंटेलिजेंट फॉल्ट डायग्नोसिस, प्रोसेस ऑप्टिमाइजेशन, एआई आधारित थर्मल इंजीनियरिंग तथा प्रोडक्शन इंजीनियरिंग जैसे अत्याधुनिक विषयों पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी. इस कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थानों के विशेषज्ञ व्याख्यान देंगे. इनमें वीएनआईटी नागपुर के डॉ टीवी के गुप्ता, एनआईटी सुरथकल के डॉ रंजीत कुमार साहू, एनआईटी जमशेदपुर के डॉ सैकत रंजन मैती, भारत सरकार के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग, लखनऊ के प्रोफेसर डॉ अंशुमान श्रीवास्तव, एमआईटी मणिपाल के डॉ जितेंद्र कुमार कटियार एवं डॉ रंजन कुमार घड़ाई, अमृता स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, कोयंबटूर के डॉ आर वैरा विग्नेश, सिम्बायोसिस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, पुणे के डॉ आकाश कुमार भोई तथा श्रीनाथ विश्वविद्यालय के डॉ अभिनंदन कुमार शामिल हैं. (नीचे भी पढ़ें)
कार्यक्रम के संयोजक मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ कमलेन्द्र विक्रम हैं, जबकि सह-संयोजक डॉ मोहम्मद वसीम अकरम होंगे. कार्यक्रम का समन्वयन स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष शशिकांत सिंह तथा मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में किया जाएगा. विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि यह फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम शिक्षकों, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत के विशेषज्ञों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच बनेगा तथा प्रतिभागियों को एआई और मशीन लर्निंग आधारित आधुनिक औद्योगिक तकनीकों से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. इस ऑनलाइन एफडीपी के लिए इच्छुक अभ्यर्थी गूगल फॉर्म लिंक और क्यूआर कोड के जरिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 20 जुलाई है.







