जमशेदपुर : जमशेदपुर लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाले घाटशिला विधानसभा के उपचुनाव में रोचक स्थिति बनती जा रही है. इस चुनाव में वैसे तो अब तक झामुमो की ओर से पूर्व मंत्री रामदास सोरेन के बेटे सोमेश सोरेन को टिकट देने की बात कही जा रही थी. लेकिन अब स्थितियां बदल चुकी है. बताया जाता है कि इस उपचुनाव में रामदास सोरेन के बेटे को टिकट देने की घोषणा के बाद रामदास सोरेन के भतीजे विक्टर सोरेन बिदक गये है. वे विरोधी तेवर अपना चुके है. विक्टर सोरेन का कहना है कि वे ही रामदास सोरेन के असल उत्तराधिकारी है क्योंकि उनके चाचा यानी मंत्री रामदास सोरेन का सारा कामकाज वे ही समझते और जानते है. इस कारण वे इस चुनाव में अगर उनको टिकट नहीं दिया गया तो वे बगावत में चुनाव लड़ सकते है. इस मसले को लेकर झामुमो असहज महसूस कर रहे है. बताया जाता है कि विक्टर सोरेन ने भी अपने पत्ते नहीं खोले है. (नीचे भी पढ़ें)
बताया जाता है कि पारिवारिक विवाद के कारण ही सोमेश सोरेन को पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंत्री नहीं बनाया, जो पहले के उपचुनाव में प्रयोग होता रहा था. बताया जाता है कि झामुमो की बैठक में तय हो चुका था कि रामदास सोरेन की जगह उनके बेटे सोमेश सोरेन को ही टिकट दिया जायेगा. लेकिन अब संभव है कि इस विवाद से बचने के लिए झामुमो रामदास सोरेन की पत्नी सूर्यमणी सोरेन को टिकट दिया जा सकता है ताकि कोई विवाद नहीं रहे. सूर्यमणी सोरेन के टिकट देने के बाद बेटा और भतीजा का विवाद फिलहाल टल जायेगा. झामुमो किसी भी हाल में घाटशिला सीट को खोना नहीं चाहती है, जिस कारण कोई रिस्क नहीं लिया जायेगा. इस बीच इस पर चर्चा तेज तब हुई, जब विक्टर सोरेन के एक ट्विट को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रीट्विट करके उनको पूरा भाव दे दिया. सूत्रों के मुताबिक, सोमेश सोरेन को टिकट देने की बातचीत होने के बाद से लगातार विक्टर सोरेन विरोधी तेवर अपनाये हुए है और विधायक जयराम महतो की पार्टी जेकेएलकेएम के संपर्क में है. यह संभव है कि अगर सोमेश सोरेन को टिकट दे दिया जाता है तो विक्टर सोरेन जेएलकेएम के टिकट पर चुनाव लड़ जाये. (नीचे भी पढ़ें)
इसके बाद झामुमो का खेल बिगड़ सकता है. भाजपा इस बार भी पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के बेटे बाबूलाल सोरेन को टिकट दे सकता है, जो चुनाव में हारने के बाद से लगातार एरिया में ही सक्रिय है. विक्टर सोरेन और सोमेश सोरेन के विवाद का लाभ कहीं सीधे तौर र बाबूलाल सोरेन को नहीं हो जाये, यह भी डर झामुमो को है. यहीं वजह है कि विक्टर सोरेन को साधने की कोशिश झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कर रहे है. वहीं, सोमेश सोरेन की जगह रामदास सोरेन की विधवा को टिकट देने की तैयारी की जा रही है. आपको बता दें कि जेएलकेएम का प्रत्याशी 2024 के चुनाव में तीसरे स्थान पर था. 2024 के चुनाव की बात की जाये तो झामुमो औ कांग्रेस ने झामुमो के रामदास सोरेन को अपना टिकट दिया था, जिनको कुल 51.5 फीसदी वोट मिला था जबकि दूसरे नंबर पर बाबूलाल सोरेन रहे थे, जिनको 39.8 फीसदी वोट मिला था. 2024 के चुनाव में रामदास सोरेन को 98356 वोट मिले थे जबकि भाजपा के बाबूलाल सोरेन को 75910 वोट मिले थे. तीसरे स्थान पर जेकेएलकेएम के प्रत्याशी रामदास मुर्मू को 8092 मिला था. इस कारण जेकेएलकेएम यहां दमदार उपस्थिति दर्ज करा सकते है. टिकटों की मारामारी के बीच जेकेएलकेएम भी वेट एंड वाच की स्थिति में है.











