रामगोपाल जेना,चक्रधरपुर: मनोहरपुर: सारंडा जंगल के गेंडुग में आइइडी विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हुई हथिनी ने आखिरकार दम तोड़ दिया. सूत्रों के अनुसार, हथिनी की मौत रविवार तड़के करीब डेढ़ से दो बजे के बीच हुई. इससे पहले उसने फल और सब्जियां खाई थीं. बताया जा रहा है कि उपचार के दौरान शनिवार दिनभर हथिनी की स्थिति नाजुक बनी रही और शाम तक वह काफी सुस्त थी. देर रात तक वन विभाग की टीम और वन्यजीव विशेषज्ञ उसकी स्थिति पर नजर रखे हुए थे.(नीचे भी पढ़े)
रविवार सुबह जब निगरानी टीम मौके पर पहुंची, तो हथिनी मृत पाई गई. इसके बाद विभाग की ओर से जंगल में ही पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू की गई है. विदित हो कि कुछ दिन पूर्व सारंडा के गेंडुग क्षेत्र में हुए आइइडी विस्फोट में यह हथिनी गंभीर रूप से घायल हो गई थी. घायल अवस्था में उसका इलाज गुजरात से आई वनतारा टीम के विशेषज्ञों की देखरेख में चल रहा था. वन विभाग के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हथिनी की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा होगा.











