जमशेदपुर : जमशेदपुर में स्वर्ण महासंघ फाउंडेशन ऑफ इंडिया ने डीसी ऑफिस पर यूजीसी के प्रस्तावित ड्राफ्ट एक्ट 2026 का विरोध किया है. सवर्ण महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर एक्ट को तत्काल वापस लेने की मांग की है. ज्ञापन में कहा गया है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा लागू किया गया ड्राफ्ट एक्ट 2026 देश की शिक्षा व्यवस्था में असमानता और अविश्वास का माहौल पैदा करेगा. प्रतिनिधिमंडल का आरोप है कि यह कानून एक विशेष वर्ग के छात्रों को पहले से ही आरोपी की तरह देखने की मानसिकता को बढ़ावा देता है. इस मानसिकता से सामान्य वर्ग के छात्रों में हीन भावना उत्पन्न होगी.(नीचे भी पढ़ें)
प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि ऐसे माहौल में छात्र अपने साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ न तो शिकायत कर पाएंगे और न ही अपनी आवाज उठा सकेंगे, जिसका सीधा असर उनकी शिक्षा और भविष्य पर पड़ेगा. उनका कहना है कि जब तक कानून वापस नहीं लिया जायेगा तब तक वे इस काले कानून का विरोध करते रहेंगे. प्रदर्शन में सवर्ण महासंघ के जिला अध्यक्ष, जिला महामंत्री, विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी, युवा इकाई के सदस्य एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए. सभी ने एक स्वर में अधिसूचना को वापस लेने की मांग की. क्षत्रिय महासभा की प्रदेश अध्यक्षा चंदा सिंह ने चेतावनी दी कि यदि इस अधिसूचना को शीघ्र वापस नहीं लिया गया, तो संगठन लोकतांत्रिक, संवैधानिक एवं विधिक तरीकों से आंदोलन को और तेज करेगा तथा आवश्यकता पड़ने पर न्यायिक उपाय भी अपनाएगा. कार्यक्रम में मुख्यरूप से प्रदेश पूर्व जिलाध्यक्ष सुधांशु ओझा, अध्यक्ष बीरेंद्र सिंह, सावर लाल शर्मा, अधिवक्ता प्रमोद पाठक, प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष अनिशा सिन्हा, सराय केला महिला मोर्चा अध्यक्ष सुनीता मिश्रा, अध्यक्ष मनीष सिंह वंदन, चंदा सिंह, नमिता सिंह, जिलाध्यक्ष प्रमोद उपाध्याय, रवि शंकर तिवारी, चंद्र शेखर सहाय, रविप्रकाश, ममता सिंह, प्रमोद तिवारी, बिमलेश उपाध्याय, लक्ष्मी सिंह, वीणा सिंह, लक्ष्मी नारायण तिवारी, संतोष कुमार सिंह, रितेश ओझा, के बी तिवारी, टी एन, दुबे अमिता सिंह, डॉली सिंह, बीरेंद्र तिवारी आदि सम्मिलित थे.




