जमशेदपुर : जमशेदपुर के बागबेड़ा थाना क्षेत्र के गाराबासा में 16 फरवरी को भाजपा जिला कार्यकारिणी सदस्य अजीत सिंह चंद्रवंशी के घर में घुसकर फरसा से जानलेवा हमला करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. इस कांड के मुख्य आरोपियों में शामिल सुमित कुमार को बागबेड़ा पुलिस ने देर रात गिरफ्तार कर लिया. सुमित पिछले 11 महीनों से फरार चल रहा था. बताया जा रहा है कि हाल ही में उसकी जमानत याचिका हाईकोर्ट से खारिज होने के बाद पुलिस ने दबिश बढ़ाई और उसे धर दबोचा. पुलिस के अनुसार, इससे पहले 15 नवंबर को भी सुमित को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन मेडिकल का लाभ लेकर वह जेल जाने से बच गया था. इसके बाद से वह लगातार फरार था. बागबेड़ा थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और मामले से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी गयी है. घटना के बाद अजीत सिंह चंद्रवंशी की ओर से बागबेड़ा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गयी थी. (नीचे भी पढे़ं)
शिकायत में कहा गया था कि आरोपियों ने फरसा से अजीत के सिर पर हमला किया था, जिससे उनके सिर पर 22 टांके लगे थे. वहीं, उनकी पत्नी सुमन देवी के सिर पर भी गंभीर चोटें आई थीं और 12 टांके लगाए गए थे. मामले में यह भी आरोप है कि घटना के दिन सुमित के मामा लालबाबू चंद्रवंशी ने परिवार के अन्य सदस्यों पर भुजाली से हमला किया था. हालांकि, लालबाबू चंद्रवंशी को कोर्ट से जमानत मिल चुकी है. सुमित पर बागबेड़ा थाने में हत्या के प्रयास, लूटपाट और मारपीट समेत चार आपराधिक मामले दर्ज हैं. इस कांड में सुमित का नाना रास बिहारी रवानी भी आरोपी है, जो 11 माह से फरार है. केस में कुल आठ लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिनमें से कुछ जेल जा चुके हैं, जबकि कुछ को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है.



