जमशेदपुर : टाटा स्टील के एमडी सह सीइओ टीवी नरेंद्रन के मासिक कार्यक्रम एमडी ऑनलाइन के कार्यक्रम में टीएमएच की दो बड़ी समस्या को लेकर कर्मचारियों ने मुद्दा उठाया. इसके जवाब में टीएमएच को दुरुस्त करने का आश्वासन दिया गया. इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट की मेघा कुमारी ने टीएमएच में विशेष बच्चों के लिए व्यावसायिक एवं वाक चिकित्सा की कोई सुविधा नहीं होने का मुद्दा उठाया. इसके जवाब में जीएम मेडिकल सर्विसेस ने कहा कि हम सुविधा स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं और इस बीच आपका आंशिक खर्च वीपी सीएस द्वारा वहन किया जाएगा. एक कर्मचारी ने टीएमएच में हेमेटोलॉजी का कोई डॉक्टर नहीं होने का मुद्दा उठाया. इसके जवाब में वीपी, सीएस चाणक्य चौधरी ने कहा कि इसके लिए साक्षात्कार हुआ था लेकिन उसमें कोई डॉक्टर शामिल नहीं हुआ था. (नीचे भी पढ़ें)
अब नए सिरे से इसी तैयारी की जा रही है. एक कर्मचारी ने मणिपाल को इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने का सुझाव दिया जिसपर वीपी सीएस ने कहा कि वे इस मामले को देखेंगे. इससे पहले एमडी ऑनलाइन में कर्मचारियों के सवाल के पहले एमडी टीवी नरेंद्रन ने कहा कि टाटा स्टील भारत में हाइड्रोजन आपूर्ति के लिए पाइप लाइन बनाने वाली पहली कंपनी बन गई है. एसएनटीआई के एके कर्ण ने सरकार ने बजट में चीन से आने वाले स्टील पर शुल्क नहीं लगाने का मुद्दा उठाते हुए एमडी की राय जानना चाहा. इसके उत्तर में कहा गया कि मंत्रालय ने हमसे विस्तृत डेटा मांगा है जो कंपनी ने दे दिया है. उम्मीद है कि वे सकारात्मक प्रतिक्रिया देंगे. एक कर्मचारी ने टाटा स्टील के लिए दुर्लभ धातु खनन का दायरा क्या है के बारे में पूछा. इसके जवाब में बताया गया कि अब दुर्लभ धातु का खनन निजी कंपनी द्वारा नहीं किया जा सकेगा. नए नियम में यह कार्य केवल सरकार द्वारा किया जाएगा. सीआरएम के अशोक गुप्ता ने रतन टाटा के नाम पर एक छात्रवृत्ति शुरू करने की मांग किया जिसपर आश्वासन देते हुए कहा गया कि हम देखेंगे.



