जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल में सफाई कर्मियों ने आज उस समय हंगामा खड़ा कर दिया जब शनिवार के हादसे में मृत डेविड का शव उसके परिजन ले जाने लगे. शनिनार को मेडिसिन विभाग का छज्जा गिरने पर उसके मलबे में दबने से डेविड की मौत हो गई थी. (नीचे भी पढ़ें)

हंगामा कर रहे सफाई कर्मियों का कहना था कि विगत 10 वर्षों से वे लोग डेविड की सेवा करते आ रहे थे. डेविड चलने-फिरने में भी असमर्थ था. वे लोग निःस्वार्थ भाव से उसकी सेवा किया करते थे. उस दौरान उसके परिवार का कोई सदस्य एक बार देखने तक नहीं आया और कल जब उसकी मौत होने के बाद सरकार की ओर से मुआवजा देने की बात कही गई, तब रविवार को परिवार वाले सुबह-सुबह ही शव लेने के लिए अस्पताल पहुंच गए. (नीचे भी पढ़ें)
कर्मचारियों का कहना था कि जब 10 वर्षों तक सभी सफाई कर्मचारियों ने उसकी देखभाल की तो अब अंतिम संस्कार भी अस्पताल के सफाई कर्मचारी ही परिवार बनकर करेंगे. उनका यह भी कहना था कि उन्हें मुआवजे की रकम भी नहीं चाहिए, लेकिन शव उसके परिवार वालों को भी नहीं देने देंगे.











