जादूगोड़ा : यूसिल द्वारा अधिग्रहित भूमि का रविवार को मुसाबनी अंचल निरीक्षक शरद चंद्र बेरा की उपस्थिति में सीमांकन किया गया. भारी सुरक्षा के बीच संपन्न हुए सीमांकन कार्य के दौरान विरोध भी झेलना पड़ा. जादूगोड़ा स्थित यूसिल अस्पताल से बाजार गेट तक सीमांकन का कार्य संपन्न हुआ. (नीचे भी पढ़ें)

इधर अपनी जमीन के बदले नौकरी की मांग को लेकर संघर्ष कर रही आदिवासी महिला आशा उरांव ने यूसिल द्वारा अधिग्रहित जमीन के बदले रोजगार नहीं दिये जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यूसिल ने उसकी 30 डिसमिल जमीन पर कब्जा कर रखा है, जिसके बदले में उसे न तो रोजगार मिला व नहीं ही नौकरी. बदले में कंपनी के अपर प्रंबधक एम के साहू ने उसके खिलाफ एस डी ओ कोर्ट में सरकारी काम में बाधा डालने सहित कई आरोप लगाते हुए कुल 18 मामले दर्ज करा दिये हैं. महिला ने कहा कि वह अपनी जमीन के बदले हक की लड़ाई लड़ रही है और आगे भी लड़ती रहेगी. यूसिल ने उसके ससुर की जमीन अधिग्रहित की है, जिसके एवज में नौकरी की मांग जारी रहेगी. (नीचे भी पढ़ें)
जमीन पर आशा उरांव का दावा गलत -सीओ

वहीं मुसाबनी के अंचल निरीक्षक शरत चंद्र बेरा ने यूसिल की अधिग्रहित जमीन पर आशा उरांव के दावे को खारिज करते हुए कहा है कि आशा उरांव के जमीन पर दावे से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं है और न ही जमीन की लगान रसीद. ऐसे में यूसिल की अधिग्रहित जमीन पर उसका दावा झूठा व फर्जी है.











