जमशेदपुर : टाटा स्टील के खिलाफ जीएसटी व सेंट्रल एक्साइज विभाग ताबड़तोड़ नोटिस दे रही है. अभी एक और नोटिस कंपनी को जीएसटी व सेंट्रल एक्साइज विभाग ने दिया है. करीब एक हजार करोड़ रुपये का इंपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) गलत तरीके से लेने का आरोप लगा है. इसकी जानकारी टाटा स्टील ने रविवार को एनएसइ व बीएसई को दी है. इसके तहत कहा गया है कि 27 जून को रांची के सेंट्रल टैक्स कमीश्नर ऑडिट के दफ्तर से आये इस नोटिस में टाटा स्टील को 30 दिनों के अंदर जमशेदपुर में सेंट्रल जीएसटी और सेंट्रल एक्साइज के एडिशनल व ज्वाइंट कमीश्नर के सामने पेश होने को कहा गया है. नोटिस के मुताबिकत कंपनी ने सीजीएसटी व एसजीएसटी एक्ट 2017 के सेक्शन 74 (1) और आइजीएसटी एक्ट 2017 के सेक्शन 20 का उल्लंघन करते हुए आइटीसी का गलत फायदा उठाया है. टाटा स्टील ने इसमामले में साफ किया है कि उनके सामान्य कारोबार के दौरान पहले से ही 514.19 करोड़ रुपये का जीएसटी चुकाया जा चुका है. (नीचे भी पढ़ें)
कंपनी का हना है कि नोटिस में इस राशि को एडजस्ट करने का प्रस्ताव है, इस कारण असल में बकाया जीएसटी सिर्फ 493.35 करोड़ रुपये है. कंपनी ने इन आरोपों को गलत करार दिया है. इसका समय पर विभाग को दिया जायेगा. इस नोटिस का कंपनी के वित्तीय, ऑपरेशन और अन्य तरह की गतिविधियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा. गौरतलब है कि टाटा स्टील को इससे पहले 24 जून को ओक नोटिस दिया गया था, जिसमें 890.52 करोड़ रुपये का गलत आइटीसी लेने का आरोप गाया गया था. इसको लेकर भी 30 दिनों का नोटिस दिया गया है. उससे पहले करीब 161.51 करोड़ रुपये टाटा स्टील लांग प्रोडक्ट का आइटीसी गलत तरीके से लेने का आरोप लगा है. इन सारे आरोपों को टाटा स्टील ने खुद नकारा है.



