जमशेदपुर : जमशेदपुर के कदमा स्थित एडीएल सोसाइटी मध्य विद्यालय की प्रधानाध्यापिका के वाणी ने सहायक आचार्य शिक्षक नियुक्ति में हुई गड़बड़ी के आरोप में जमशेदपुर के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीइओ) को ज्ञापन सौंपा है. वहीं उन्होंने इसकी प्रतिलिपि उपायुक्त को भी सौंपी है. ज्ञापन में उन्होंने बताया कि सहायक आचार्य शिक्षक नियुक्ति की प्रक्रिया में उनकी कोई भागीदारी और दायित्व नहीं थी. उन्होंने केवल सचिव के आदेशानुसार आवेदको का व्हाट्एप ग्रुप बनाया था ताकि वे लिखित परीक्षा की सूचना दे सके. विद्यालय प्रबंधन की ओर से सभी प्रक्रियाओं को किया गया. लिखित परीक्षा के दिन तक ही उनकी उपस्थिति रही. इसके बाद अन्य किसी जानकारी से उन्हें दूर रखा गया. आवेदको द्वारा भेज गये सभी आवेदन पत्र सचिव ले जाते थे. आवेदको का आवेदन पत्र और योग्यता से संबंधित साक्ष्य उन्हें नहीं दिखाया गया और आवेदको का रजिस्टर में सचिव नागेश नायडु द्वारा उनसे हस्ताक्षर करवाया गया. उन्हें न तो सहायक आचार्य की नियुक्ति की लिखित परीक्षा का प्रश्न पत्र बनाने मिला और न ही उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में उन्हें शामिल कियागया. अभ्यर्थियों को कितना अंक मिला उसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने सचिव से कहा भी था कि नियुक्ति नियमावली में तय उम्र से अधिक और अपंजीकृत विश्विद्यालय से पढ़ें अभ्यर्थियों को छांटकर बचे अभ्यर्थियों को ही सहायक आचार्य की नियुक्ति परीक्षा में शामिल करें लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इसमें अधिक उम्र वालों को छोड़कर सभी अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा में शामिल किया गया. इस दौरा एलएड प्रशिक्षणार्थी और बीएड प्रशिक्षणार्थी के प्रश्न पत्र अलग थे. प्रधानाध्यापिका ने नियुक्ति का परीक्षा फल व्हाट्सएप ग्रुप में प्रकाशित करने के लिए कहा लेकिन उन्हें हटा दिया गया. उसके उपरांत सचिव के द्वारा मीटिंग करके सात चयनित अभ्यर्थियों का नाम अंकित गया. उन्होंने बताया है कि उनके विद्यालय तेलुगु संस्थान है. यह सहायता प्राप्त अल्प संख्यक विद्यालय है. यह तेलुगु भाषाई विद्यालय है. शिक्षक नियुक्ति हेतु विज्ञापन में तेलुगु अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने की बात कहीं गयी. लेकिन तेलुगु अभ्यर्थियों को नहीं लिया गया. चार वाणिज्य, दो विज्ञान और एक कला के अभ्यर्थी का चयन किया गया. इस पर उन्होंने कहा है कि भागीदारी नहीं होते हुए भी उनसे जबरन हस्ताक्षर कराया गया है. इस पर जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है.



