जमशेदपुर : टाटा समूह की कंपनी टाटा संस की वार्षिक आमसभा गुरुवार को हुई. 107वीं वार्षिक आमसभा (एजीएम) में शेयरधारकों ने ध्वनिमत के साथ नोएल टाटा को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर (निदेशक मंडल का सदस्य) नियुक्ती को मंजूरी दी गयी. स्वर्गीय रतन टाटा की मौत के बाद टाटा संस की यह पहली एजीएम थी. इसके साथ ही टाटा समूह में नोएल टाटा की धाक और बढ़ गयी है. इससे पहले वे टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन के तौर पर अक्तूबर 2024 को पदस्थापित हुए थे. इसके बाद टाटा संस में अब उनको बोर्ड ऑफ डायरेक्टर बनाया गया है, जिसके बाद वे अधिकारिक तौर पर टाटा संस में शामिल हो गये है. नोएल टाटा को टाटा ट्रस्ट की ओर से नियुक्त किया गया था.(नीचे भी पढ़े)
आपको बता दें कि टाटा संस में टाटा ट्रस्ट का 66 फीसदी की हिस्सेदारी है और टाटा समूह के कामकाज के महत्वपूर्ण फैसले टाटा ट्रस्ट ही लेती है. टाटा ट्रस्ट के अधीन ही टाटा समूह यानी टाटा संस काम करता है, जो सारी कंपनियों का संचालन करते है. 66 वर्षीय नोएल टाटा रतन टाटा के सौतेले भाई है और नोएल नवल टाटा (रतन टाटा के पिता) की दूसरी पत्नी सिमोन टाटा के बेटे है. (नीचे भी पढ़े)
रतन टाटा नोएल नवल टाटा की पहली पत्नी सूनी टाटा की संतान थे, जिनके अपने भाई जिमी टाटा है. टाटा परिवार के इकलौते दावेदार थे, जिन्होंने रतन टाटा की जगह ली और टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन बने थे. आपको बता दें कि टाटा संस के चेयरमैन अभी एन चंद्रशेखरन है जबकि टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा है. टाटा ट्रस्ट के अधीन टाटा संस का संचालन की जाती है. टाटा संस ही टाटा समूह की सारी कंपनियों का संचालन करती है. बड़े फैसले टाटा ट्रस्ट करती है, जो टाटा संस के कारोबार और उनके कामकाज पर नजर रखती है और जरूरत पड़ने पर हस्तक्षेप कर फैसले लेती है.



