जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल के शिशु वार्ड में वेंटिलेटर की सुविधा नहीं होना गुरुवार को एक बच्चे के लिए गंभीर साबित हो सकता था. बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ने पर परिजन घबराकर मदद की गुहार लगाने लगे. उन्होंने स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता बिमल बैठा से संपर्क किया, जिन्होंने तुरत अस्पताल अधीक्षक डॉ आरके मंथन से मुलाकात कर शिशु वार्ड में जल्द से जल्द वेंटिलेटर उपलब्ध कराने की मांग रखी. परिजनों का कहना था कि गंभीर बच्चों के इलाज में वेंटिलेटर का अभाव बड़ी समस्या है. आपात् स्थिति में मरीज को अन्य अस्पतालों में भेजना समय की बर्बादी और जानलेवा जोखिम हो सकता है. (नीचे भी पढ़ें)
उनका आरोप था कि यह सुविधा न होने से बच्चों के जीवन पर खतरा मंडरा रहा है. उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले एमजीएम अस्पताल का शिशु वार्ड डिमना में शिफ्ट किया गया था. लेकिन वहां वेंटिलेटर खरीदने की प्रक्रिया शुरू है, लेकिन फिलहाल मरीजों को कठिनाई झेलनी पड़ रही है. गुरुवार की घटना ने इस कमी को फिर से उजागर कर दिया. अस्पताल अधीक्षक डॉ मंथन ने कहा कि वेंटिलेटर खरीद की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द ही यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. उन्होंने आश्वासन दिया कि बच्चों के इलाज में कोई समझौता नहीं होगा और प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से ले रहा है.



