जमशेदपुर : टाटा स्टील को एक और बड़ी राहत बांबे हाईकोर्ट से मिली है. टाटा स्टील की ओर से मुंबई के आयकर विभाग के डिप्टी कमीश्नर की ओर से भेजे गये 25185.51 करोड़ रुपये के नोटिस को बांबे हाईकोर्ट ने गलत करार देते हुए खारिज कर दिया है. बांबे हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई 12 अगस्त को की थी. 16 अगस्त को कंपनी को आदेश की प्रतिलिपि मिली. इस आदेश में बांबे हाईकोर्ट ने नोटिस और उससे संबंधित सभी कार्यवाही या आदेशों को रद्द कर दिया है. एसेसमेंट अधिकारी द्वारा जारी नोटिस तकनीकी आधार पर रद्द कर दिया गया क्योंकि यह वैधानिक रुप से अनिवार्य फेसलेस एसेसमेंट अधिकारी के बजाय क्षेत्राधिकार एसेसमेंट अधिकारी द्वारा जारी किया गया था. नोटिस को रद्द करने के फैसले में पूर्व के कई मामलों का बांबे हाईकोर्ट ने हवाला भी दी है. (नीचे भी पढ़ें)
बांबे हाईकोर्ट ने यह भी कहा है कि यदि आयकर विभाग भविष्य में रिट याचिका को पुनर्जीवित करती है तो पुनर्मूल्यांकन कार्यवाही को चुनौती देने में उठाये गये विभिन्न अन्य मुद्दों पर विचार करते हुए उस पर गुण दोष के आधार पर फैसला लिया जायेगा. गौरतलब है कि टाटा स्टील को वित्तीय वर्ष 2018-2019 के लिए कर योग्य आय का पुनर्मूल्यांकन करने और कर योग्य राशि में 25 हजार करोड़ रुपये अधिक की बढ़ोत्तरी करने का नोटिस दिया गया था. मुंबई के आयकर उपायुक्त द्वारा जारी इस नोटिस के खिलाफ कंपनी ने बांबे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसके आलोक में यह आदेश आया है. इसकी जानकारी बीएसइ और एनएसइ को दी गयी है.











