जमशेदपुर : जमशेदपुर के हिन्दू पीठ का एक प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष अरुण सिंह के नेतृत्व मे जमशेदपुर के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी से मुलाकात की. इन लोगों ने मांग की कि भारत के प्रत्येक प्रांत के लोग जमशेदपुर शहर मे रहते है इसलिए इस शहर को लघु भारत भी कहा जाता है. जमशेदपुर मे प्रत्येक वर्ष अनेको धार्मिक आयोजन किया जाता है जिसमें देवी-देवताओ के मूर्ति का पूजन किया जाता है. हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नदी घाट से जल लेकर पूजन कार्य प्रारंभ होकर समापन यानी विसर्जन नदी घाट पर किया जाता है. (नीचे भी पढ़े)
इस वर्ष जमशेदपुर मे लगातार बारिश होने के कारण नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है और सभी विसर्जन घाट का तट गीला होने के साथ-साथ फिसलन भरा हो गया है. इसके कारण भगवान गणपति का मूर्तियो के विसर्जन मे परेशानी हो सकती है. इस कारण जमशेदपुर शहर के प्रमुख घाटों पर सुरक्षा, लाइट एवं गोताखोर की व्यस्था का जाए. जमशेदपुर शहर मे अनेको नदी घाट है परंतु एक भी मॉडल घाट नही है. जमशेदपुर के लोग सबसे अधिक स्वर्णरेखा घाट साकची का उपयोग करते है. जल भरी एवं मूर्तियो का विसर्जन सबसे अधिक इसी नदी घाट पर होता है. इस कारण स्वर्णरेखा घाट साकची जाने वाली रास्ते पर पेबर्स ब्लॉग एवं समुचित लाइट्स, सुरक्षा, गोताखोर की व्यस्था 365 दिनो तक करने का व्यवस्था की जाए. हिन्दू पीठ के प्रतिनिधिमंडल मे महासचिव दिलजय बोस, सुरक्षा प्रमुख सोमनाथ सिंह एवं ज्योत्सना सरकार शामिल थी.











