मेदिनीनगर (पलामू) : उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी समीरा एस की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय सभागार में कृषि, गव्य, मत्स्य, उद्यान, सहकारिता, भू-संरक्षण एवं पशुपालन विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी. मत्स्य विभाग की समीक्षा के दौरान उपायुक्त द्वारा भौतिक लक्ष्य और भौतिक उपलब्धि के बारे में विस्तारपूर्वक समीक्षा की गयी. बताया गया कि मत्स्य बीज उत्पादकों को स्पॉन आपूर्ति के 9300 प्राप्त लक्ष्य के विरुद्ध 5120 के बीच वितरण किया गया. इसी तरह जलाशय में ग्रासकार्प मत्स्य अंगुलिकाओं का 4 लाख संचयन किये जाने का लक्षय है, वहीं 370 मत्स्य पालकों को फीड आपूर्ति की जानी है, जिसके विरुद्ध 259 मत्स्य पालकों के बीच इसकी आपूर्ति की जा चुकी है. वहीं 370 मत्स्य पालकों के बीच जाल आपूर्ति की जानी है, जिसके विरुद्ध 259 जाल की आपूर्ति कर दी गयी है.
उपायुक्त द्वारा मत्स्य प्रसार प्रशिक्षण एवं अनुसंधान योजना, समेकित मत्स्य पालन योजना, फीड बेस्ड फिशरीज, केज कल्चर विस्तार योजना के तहत किये जा रहे विभिन्न बिंदुओं पर जानकरी ली. (नीचे भी पढे)
वगव्य विकास योजना अंतर्गत दो दुधारू गाय का वितरण, कामधेनु डेयरी फार्मिंग योजना, प्रगतिशील देरी कृषकों की सहायता योजना,पशु आहार एवं चार विकास योजना सहित प्रशिक्षण प्रसार एवं कौशल विकास योजना के तहत किया जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की. इसी तरह पशुपालन विभाग की समीक्षा के क्रम में पशुओं को दिये जाने वाले चारा की उपलब्धता की जानकारी, मुख्यमंत्री पशुधन योजना, पशुओं में हो रहे टीकाकरण कार्य, बकरा विकास योजना, बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना, बतख चूजा वितरण योजना, ब्रायलर कुकुट पालन, सूकर विकास योजना की जानकारी लेते हुए पशुपालन पदाधिकारी को निर्देशित किया कि कार्यो को लक्ष्य के अनुरूप करते हुए सभी योग्य लाभुकों को इसका लाभ मिले. इस दौरान डीसी ने बकरा एवं सुकर पालकों के प्रशिक्षण, कृत्रिम व प्राकृतिक गर्भधारण से उत्पन्न बच्चे, चिकित्सा किए गये पशुओं की संख्या समेत अन्य जानकारी ली. इसी तरह उपायुक्त ने कृषि विभाग द्वारा किये जा रहे विभिन्न प्रकार के बीज वितरण की अद्यतन स्थिति की भी समीक्षा की. उन्होंने कृषि पदाधिकारी को सभी तरह के बीज वितरण को ससमय वितरण करने साथ ही जिले के किसानों को समय पर और उचित दर पर खाद-बीज उपलब्ध हो, यह सुनिश्चित करने की बात कही.इस अवसर पर जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, भूमि संरक्षण, पशुपालन समेत मत्स्य विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित रहे.



