रांची: टेंडर घोटाला में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार पूर्व मंत्री आलमगीर आलम गुरुवार को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा से जमानत पर बाहर निकले. इससे पूर्व होटवार में विधायक सह मंत्री की पत्नी निशात आलम व आलमगीर के पोते पहुंचे थे. दोनों ने इनका स्वागत किया. इसके बाद उनकी गाड़ी बैठक में सीधे घर के लिए रवाना हो गए. विदित हो कि आलमगीर आलम को दो दिन पहले सुप्रोट कोर्ट ने राहत देते हुए जमानत दे दी थी. इसके बाद कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद गुरुवार को होटवार से रिहा हुए. आलमगीर आलम को प्रवर्तन निदेशालय ने मई 2024 को गिरफ्तार किया था.(नीचे भी पढ़े)
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार सुबह मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसे झारखंड के पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम और उनके पीए संजीव लाल को बड़ी राहत देते हुए जमानत दे दी थी. झारखंड हाईकोर्ट द्वारा पूर्व मंत्री आलमगीर आलम और उनके पीए संजीव लाल की जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. सुनवाई के दौरान आलमगीर आलम की ओर से दलील दी गई कि इस मामले में उनके खिलाफ कोई प्रत्यक्ष आरोप नहीं है. न ही उनके यहां से किसी तरह की नकदी बरामद हुई है. ऐसे में उन्हें राहत मिलनी चाहिए. इसके अलावा पूर्व मंत्री के वकीलों ने उनकी बीमारी का भी हवाला देते हुए को जमानत की गुहार लगाई.(नीचे भी पढ़े)
सांसद सुखदेव भगत ने पूर्व मंत्री आलमगीर आलम से मिलकर उन्हें दी बधाई

लोहरदगा लोकसभा के सांसद सुखदेव भगत रांची में झारखंड के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम से उनके आवास में मुलाकात कर उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने पर बधाई दिए.श्री भगत ने कहा कि अभी उन्हें जमानत मिला है. मुझे न्यायपालिका से पूरा विश्वास है कि उन्हें रिहा भी किया जाएगा तथा संगठन को भी अब मजबूती मिलेगा. इस मौके पर बधाई देने वालों में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ,लोहरदगा अंजुमन के सचिव शाहिद अहमद वेलू भी थे.







