जमशेदपुर : ‘सिंहभूम जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन/तुलसी भवन’ की ओर से रविवार संद्या संस्थान के प्रयाग कक्ष में मासिक कार्यक्रम “कथा मंजरी” का आयोजन हुआ. संस्थान के उपाध्यक्ष रामनंदन प्रसाद की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम दीप प्रज्वलन के साथ आरंभ हुआ. इसके पश्चात ‘कथा मंजरी’ के तहत विभिन्न विषयों को स्पर्श करती कुल 17 कहानियों का पाठ हुआ. कथा पाठ के उपरान्त सभाध्यक्ष रामनंदन प्रसाद ने अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में उक्त कहानियों पर अपनी समीक्षात्मक टिप्पणी की. (नीचे भी पढ़ें)

कार्यक्रम में डॉ अजय कुमार ओझा ने वाजिब मजदूरी, डॉ अरुण कुमार शर्मा ने कर्मफल, माधवी उपाध्याय ने पुनर्मिलन, वसंत जमशेदपुरी ने धर्म निरपेक्षता, ब्रजेन्द्र नाथ मिश्र ने गुरुजी का सूत्र, डॉ एनके सिंह ने अच्छा भेडिया या बुरा भेडिया, आलोक मंजरी ने सोन चिरैया, नीता सागर चौधरी ने सब ईश्वर की कृपा, हरि मित्तल ने ओशो की तलाश, डॉ अनीता निधि ने फेरीवाला, डॉ उदय प्रताप हयात ने प्रधान, उपासना सिन्हा ने दादा जी की छडी, स्मृति पाण्डेय चौबे ने अनबोलता साथी, पूनम सिंह ने मनोहर की सत्य निष्ठा, प्रणति शरण ने जेठ की धूप, ममता कर्ण ने छोटी सी जान,गज भर की जुबान एवं सुस्मिता मिश्र ने अमित का बाल मन कहानी का पाठ किया. इस अवसर पर मुख्य रुप से डॉ प्रसेनजित तिवारी, डॉ रागिनी भूषण, डॉ यमुना तिवारी ‘व्यथित’, कैलाश नाथ शर्मा गाजीपुरी, नीलिमा पाण्डेय, बलविन्दर सिंह, हरभजन सिंह रहबर, जितेश कुमार तिवारी, वीणा कुमारी नंदिनी सहित अनेक साहित्यकार उपस्थित रहे.






