जमशेदपुर: जमशेदपुर के ग्रैजुएट कालेज परीक्षा केंद्र में रविवार को बीएड, एमएड व बीपीएड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा क आयोजन किया गया था. 10.15 तक परीक्षा केंद्र पर पहुंचने वाले सभी अभ्यर्थियों के अंदर जाने दिया गया. इसके बाद 10.25 बजे आने वाले छात्राओं को रोक दिया गया. जबकि परीक्षा 10.30 बजे सं शुरू होनी थी. कई अभ्यर्थियों का कहना है कि वे परीक्षा शुरू होने से पहले कालेज परिसर में पहुंच गए थे, लेकिन प्रवेश द्वार पर दस्तावेज सत्यापन और अन्य औपचारिकताओं के कारण उन्हें समय पर अंदर नहीं जाने दिया गया.करीब 12 की संख्या में अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र मे प्रवेश नहीं मिलने पर केद्र के बाहर विरोध किया और परीक्षा प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप भी लगाया. (नीचे भी पढ़े)
दूसरी और कालेज के प्रिसिंपल का कहना है कि सरकारी की ओर जारी दिशा निर्देशों का पालन करते हुए कालेज प्रबंधन ने 9.45 बजे से कालेज का गेट प्रवेश के लिए खोल दिया गया था. कालेज प्रबंधन 10.15 तक का समय दिया गया था. लेकिन हम लोगो ने 10.22 बजे तक गेट के समक्ष जो अभ्यर्थी मौजूद थे. सभी को प्रवेश कराया गया. जब हम लोगो ने देखा कि गेट के पास कोई अभ्यर्थी नहीं है तब जाकर गेट को बंद कराया गया. विरोध करने वाली छात्राओं का कहना है कि वे लोग 10.25 बजे गेट पर पहुंची. सभी चीजें आपके अनुकुल नहीं हो सकती है. परीक्षा का कुछ नियम है, उन्होंने सलाह दी कि अगर 15 मिनट पहले पहुंच जाएंगे तो किसी पर कि दिक्कत नहीं होती. इसके बाद सभी छात्राओं को बाहर निकाल गया. अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि गेट पर मौजूद कर्मियों ने उन्हें इंतजार करने के लिए कहा, जिससे उनका समय बर्बाद हो गया. (नीचे भी पढ़े)
उनका कहना है कि परीक्षा शुरू होने से कुछ मिनट पहले कुछ छात्रों को जल्दीबाजी में प्रवेश दे दिया गया, जबकि कई अन्य अभ्यर्थियों को बाहर ही रोक दिया गया. जिससे छात्राओं में नाराजगी फैल गयी. विरोध के दौरान कुछ छात्राएं गेट पर चढ गयी और परीक्षा में शामिल करने की मांग करने लगी. इन छात्राओं का कहना है कि हम लोग रिपोर्टिग समय से लेट पहुंचे, लेकिन परीक्षा तो शुरू नहीं हुई थी. इसके बाद भी उन्हें अवसर नहीं दिया गया. उन्होंने परीक्षा प्रबंधन से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने और प्रभावित छात्रों को न्याय दिलाने की मांग की.







