दिल्ली/रांची: झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर चुनावी बिगुल बज चुका है. निर्वाचन आयोग की ओर से अधिसूचना जारी किए जाने के बाद, झारखंड विधानसभा के प्रभारी सचिव सह निर्वाचन अधिकारी (आरओ) रंजीत कुमार ने ‘फॉर्म 1’ के तहत चुनाव प्रक्रिया का नोटिस जारी कर दिया है. हालांकि, चुनावी सरगर्मी के पहले दिन नामांकन काउंटर पर पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा और किसी भी दल या उम्मीदवार ने पर्चा नहीं खरीदा. इस चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों में भीतर ही भीतर गुणा-गणित का दौर शुरू हो चुका है, खासकर भाजपा खेमे में उम्मीदवारों के चयन और चुनावी बिसात बिछाने के लिए बैठकों का सिलसिला तेज हो गया है.चुनाव अधिकारी द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, प्रत्याशी 8 जून तक अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं. इसके बाद 9 जून को सुबह 11:30 बजे से प्राप्त नामांकनों पत्रों की स्क्रूटनी की जाएगी. (नीचे भी पढ़े)
जो उम्मीदवार अपना नाम वापस लेना चाहते हैं, वे 11 जून को दोपहर 3 बजे तक ऐसा कर सकते हैं. अगर सीटों पर आम सहमति नहीं बनती और मुकाबला होती है, तो 18 जून को मतदान कराया जाएगा.दिल्ली में भाजपा का मंथन राज्यसभा चुनाव की घोषणा होते ही भाजपा ने अपनी सांगठनिक तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है. सोमवार को झारखंड भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने नई दिल्ली में पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की. इस बैठक में राज्यसभा चुनाव को लेकर पार्टी की आगामी योजनाओं और राज्य के सांगठनिक विषयों सहित नेताओं के दौरों पर विस्तार से चर्चा की गई.देर शाम झारखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष से मुलाकात की. इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य रूप से राज्यसभा चुनाव की रणनीतियों और राज्य से तीन संभावित प्रत्याशियों के नामों पर विचार-विमर्श किया गया. हालांकि, उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम मुहर प्रदेश चुनाव समिति की आधिकारिक बैठक के बाद ही लगेगी.







