जमशेदपुर : जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित आंध्र भक्त श्री राम मंदिरम में आयोजित तीन दिवसीय ‘नवग्रह प्राण प्रतिष्ठा’ महोत्सव वैदिक मंत्रोच्चार, विधि-विधान और अपार श्रद्धा के साथ संपन्न हो गया. महोत्सव के तीसरे और अंतिम दिन नवग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा पूर्ण होने के साथ ही पूरा परिसर भक्तिमय हो गया. महोत्सव के अंतिम दिन की शुरुआत सुबह 6:30 बजे उपासना, मूल मंत्र होमम और नवग्रह तर्पण के साथ हुई। इसी समय ‘गर्भाधान’ (ग्रहों की स्थापना हेतु भूमि का शुद्धिकरण व संस्कार) और ‘रत्न न्यास’ जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं पूरी की गईं. सुबह 7:46 बजे के शुभ मुहूर्त में नवग्रहों की विग्रह स्थापना की गई. इसके बाद ‘कला न्यास’ के माध्यम से सभी दिव्य कलाओं का आह्वान किया गया और कलशों में संचित जल से ग्रहों का अभिषेक संपन्न हुआ. तत्पश्चात कला न्यास होमम और ‘महापूर्णाहुति’ का आयोजन किया गया. इस प्रतिष्ठा समारोह में परंपराओं का विशेष ध्यान रखा गया. प्राण प्रतिष्ठा के उपरांत श्रद्धालुओं को सीधे विग्रहों के दर्शन न कराकर, पहले दर्पण (आईना) में नवग्रहों का प्रतिबिंब दिखाया गया, जिसके पश्चात उन्हें मुख्य दर्शन का अवसर प्राप्त हुआ. (नीचे भी पढ़े)
आयोजन के अंत में मंदिर परिसर में गाय को लाया गया, जिसका दर्शन करना अत्यंत शुभ और कल्याणकारी माना जाता है. साथ ही, पिछले तीन दिनों से मंत्रों से अभिमंत्रित कलशों के जल से ‘अवभृथ स्नान’ कराया गया और अंत में ‘महा आशीर्वाद’ व अर्पण के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ. समारोह की सफलतापूर्वक समाप्ति के बाद, मंदिर कमेटी ने आंध्र प्रदेश से आए नौ वैदिक पंडितों के विद्वतापूर्ण सहयोग के लिए उनका विशेष सम्मान किया. कमेटी ने इन पंडितों को शॉल ओढ़ाकर और नए वस्त्र प्रदान कर उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम के समापन के उपरांत सभी उपस्थित भक्तों के लिए सामूहिक भोजन का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद स्वरूप भोजन ग्रहण किया. प्राण प्रतिष्ठा की सभी पूजा-अर्चना आंध्र प्रदेश से पधारे विद्वान पंडितों द्वारा दक्षिण भारतीय रीति-रिवाजों से संपन्न कराई गई. इस अनुष्ठान को सफल बनाने में एस. उमामहेश्वर राव, प्रसाद शर्मा, ए. राजेश्वर शर्मा, एन. शंकरन, ए. बाल कृष्णा, वी. एस. मूर्ति, जी. भारद्वाज शर्मा, ए. वेंकटेश और एन. बापिराजु की भूमिका सराहनीय रही.इस भव्य आयोजन के साक्षी बनने के लिए कई गणमान्य नागरिक और भक्तजन उपस्थित रहे. कार्यक्रम में प्रमुख रूप से टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट डीबी सुंदर रामम की पत्नी डीबी शैलजा और टाटा वर्कर्स यूनियन के पूर्व अध्यक्ष आर रवि प्रसाद सम्मिलित हुए. मंदिर प्रबंधन की ओर से ट्रस्टी सी. प्रदीप नायडू, अप्लानन्द राव, अध्यक्ष बी.डी. गोपाल कृष्णा, डिप्टी प्रेसिडेंट जम्मी भास्कर, उपाध्यक्ष गंगा मोहन, वाई. श्रीनिवास , सीएच. रमना राव, तथा कोषाध्यक्ष विजय कुमार व जी. महेश राव ,नाना जी, रवि शेखर, चंद्रशेखर राव, डी. रामु,श्रीनिवास राव, बी.के. राव, अंजीराव, राजशेखर, नरसिंह राव, नागेश राव, ईश्वर राव और रवि दुर्गा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे. तीन दिनों तक चले इस अनुष्ठान के सफलतापूर्वक संपन्न होने पर मंदिर प्रबंधन ने सभी सहयोगियों और भक्तों का आभार व्यक्त किया.







