चाकुलिया: चाकुलिया वन विभाग कार्यालय परिसर में शनिवार को विधायक समीर मोहंती ने वन विभाग के पदाधिकारी और ग्रामीणों के साथ बैठक की. बैठक में हाथियों से हो रहे जान माल की सुरक्षा को लेकर विस्तार पूर्वक चर्चा की गई. बैठक में लोगों ने अपने अपने सुझाव पदाधिकारी के समक्ष रखकर सुरक्षा करने की मांग की. कालियाम पंचायत के मुखिया दासो हेम्ब्रम ने कहा की पंचायत हाथियों का बसेरा है विभाग पंचायत को हाथी प्रभावित क्षेत्र घोषित करें. कहा की पंचायत के किसान हाथी से त्रस्त है और किसान सब्जी समेत अन्य खेती को करना बंद कर दिया है जिससे क्षेत्र के किसान बेरोजगार हो रहें हैं. विभाग प्रभावित क्षेत्रों में टर्च समेत अन्य सामग्री का वितरण करें. लोधाशोली मुखिया मंजू टुडू ने कहा की पंचायत हाथी प्रभावित क्षेत्र है. पंचायत के आमलागोड़ा आम बगान को अपना घर बना लिया है. कहा की दिन में भी हाथी गांव में विचरण करते हैं जिस कारण ग्रामीणों को गांव आने जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है. कहा की प्रभावित क्षेत्र में लाइट लगवाया जाए. माटियाबांधी पंचायत के मुखिया जादुनाथ हेम्ब्रम ने कहा की पंचायत के घाघरा और पाकुड़िया गांव में हाथी शरण लिए हुए है. (नीचे भी पढ़े)
कहा की प्रभावित क्षेत्र में कोरिडोर बनाया जाए और लाइट की व्यवस्था की जाएं. सरडीहा पंचायत क्षेत्र बंगाल सीमा से सटा है जिसकारण बंगाल से हाथी कब आ जाता है ग्रामीणों को पता नहीं चल पाता है. जंगल रास्ते के किनारे ट्रेंच खोदा जाए ताकि हाथी जंगल से बाहर ना आ सके और जंगल में निर्मित तालाब को बड़ा किया जाए ताकि हाथियों को जंगल में पानी मिल सके. बैठक में प्रखंड प्रमुख धनंजय करूणामय ने कहा कि विभाग क्यूआरटी टीम की संख्या बढ़ाये और प्रभावित क्षेत्र को चिन्हित कर ग्रेडिंग के अधार पर योजना बनाकर कार्य किया जाए इससे हाथी से हो रहे क्षति पर अंकुश लगेगा. इस
मौके पर डीएफओ सवा आलम अंसारी ने कहा की सरडीहा पंचायत को चिन्हित कर हाथी को रखने की योजना है जहां तालाब निर्माण और पेड़ पौधे लगाए जाएंगे. 10 स्थानों पर एआई कैमरा लगाया जा रहा है. कहा की कैमरा से गांव में हाथी के आने की सूचना तुरंत मिलेगी इससे क्यूआरटी टीम पहुंचकर हाथी को भगाने का काम करेंगे. कहा की 145 गांव को हाथी प्रभावित क्षेत्र चिन्हित किया गया है जहां लाइट लगवाया जाएगा. कहा की ग्रामीण हाथी के साथ छेड़छाड़ ना करें और वीडियो और फोटो ना खिंचे. (नीचे भी पढ़े)
ग्रामीण हाथी से दूर रहें हाथी का ड्रोन से फोटो ना लें इससे हाथी और आक्रामक हो जाते हैं ऐसा करने पर विभाग द्वारा कार्रवाई की जाएगी. हाथी मानव द्वंद को रोकने के लिए टीम को प्रशिक्षण दिया जाएगा. कहा की क्षतिपूर्ति राशि में बढ़ोतरी की गई है. कहा की जो भी बकाया क्षतिपूर्ति राशि वितरण बाकी है जल्द किया जाएगा. हर गांव में हाथी निगरानी के लिए टीम बनाया जाएगा. मौके पर विधायक समीर मोहंती ने कहा कि हाथी के हमले से मृत व्यक्ति को अब सरकार मुआवजा राशि 4 लाख से बढ़ाकर 10 लाख देने की घोषणा की है और एक सदस्य को प्रतिमाह 2 हजार रूपए देने की घोषणा की है. हेमंत सरकार ने यह बड़ी राहत देने का काम किया है. कहा कि हाथी के उपद्रव से अबतक क्षेत्र के लोगों को राहत नहीं मिल पाया है. राहत कैसे मिले इस पर सभी को मिलकर मंथन करना होगा. उन्होंने विभाग के अधिकारी से कहा की वे हाथी प्रभावित क्षेत्र को चिन्हित कर हाथी को सुरक्षित रखने और लोगों का हो रहे क्षति रोकने का काम करें. कहा की प्रभावित क्षेत्रों के जंगल किनारे सड़क पर सोलर लाइट लगवाने के लिए सूची तैयार कर विभाग के वरीय पदाधिकारी को दे. (नीचे भी पढ़े)

कहा की पीसीसीएफ से बात कर फंड उपलव्ध कराने के लिए वे बात करेंगे. कहा की हर जंगल में विभाग द्वारा तालाब निर्माण गहरा और बड़ा बनाएं ताकि तालाब में पानी रहे और बांस ,केला समेत अन्य हाथी के भोजन युक्त पौधा प्लांटेशन करें ताकि हाथी को भोजन और पानी की व्यवस्था जंगल में मिल सके. गुड़ाबांदा प्रखंड में एक क्यूआरटी टीम और वाहन उपलव्ध कराएं. कहा की ग्रामीण और विभाग के पदाधिकारी और जन प्रतिनिधि वन संरक्षण समिति के साथ सामंजस्य बनाकर जंगल का संरक्षण करें इससे हाथी के आक्रमण से कुछ हद तक रोका जा सकता है. जंगल है तो जीवन है इस कथन के साथ जंगल का संरक्षण करें. इस मौके पर रेंजर दिग्विजय सिंह,उप प्रमुख कविता साव, नपं अध्यक्ष सोमवारी सोरेन, उपाध्यक्ष राजकुमार मिश्रा,पार्षद मो गुलाब,गौतम दास,समीर दास,दशरथ मांडी,अरूण बारिक,गोपन परिहारी,मोहन सोरेन,तापस महतो,मनोरंजन महतो,जगदिश गोप,अजीत गोप, अर्जुन टुडू,गंगा दास समेत अन्य उपस्थित थे.







